बांदा। डिमेंशिया सप्ताह के अंतर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम द्वारा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन प्रधानाचार्या बीना गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यशाला में मनोरोग चिकित्सक डॉ हरदयाल द्वारा जानकारी दी गई कीअधिकतर लोग डिमेंशिया को भूलने की बीमारी के नाम से जानते हैं. याददाश्त की समस्या एकमात्र इसका प्रमुख लक्षण नहीं है. हम आपको बता दें की डिमेंशिया के अनेक गंभीर और चिंताजनक लक्षण होते हैं, जिसका असर डिमेंशिया से पीड़ित लोगों के जीवन के हर पहलु पर होता है. दैनिक कार्यों में भी व्यक्ति को दिक्कतें होती हैं और ये दिक्कतें उम्र के साथ बढ़ती जाती हैं। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि डिमेंशिया से बचाव के लिए योग की क्रियाएं अपने जीवन शैली में बदलाव एवं अपने खान-पान में सुधार की आवश्यकता होती है। साइट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ द्वारा बताया गया कि बच्चों में एंजायटी एग्जाम के समय होती है उसके लिए लंबी गहरी सांसें दो-तीन लेनी चाहिए। फास्ट फूड का प्रयोग नहीं करना चाहिए माता-पिता एवं शिक्षकों की आज्ञा का पालन करना चाहिए। शिविर में सहायक अशोक कुमार एवं रजिस्ट्री असिस्टेंट अनुपम त्रिपाठी द्वारा पूर्ण सहयोग किया गया प्रधानाचार्या बीना गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के पश्चात छात्राओ से प्रश्न पूछ कर उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं इनाम वितरित किए गए। पुरस्कार प्राप्त छात्राओं में यशी सिंह, गरिमा,अनीता, लक्ष्मी ,यासमीन, लाइबा आदि थी। जबकि क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ रिजवाना हाशमी द्वारा कमासिन दिव्यांग दिव्यांग शिविर में प्रतिभा किया गया।