पूर्व मंत्री ने पत्रकार वार्ता में साधा भाजपा सरकार पर निशाना
बांदा। समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद पहली बार बांदा जनपद आये विकास पुरूष पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने आवास पर पत्रकारा वार्ता का आयोजन किया। इस मौके उन्होंने मौजूदा केन्द्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए भाजपा सरकार को दलित, मजदूर और किसान विरोधी बताया।
पूर्व मंत्री श्री सिद्दीकी ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि जबसे भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हमारे देश व अन्य प्रदेशों सहित उत्तर प्रदेश में बनी है। महंगाई चरम सीमा पर है। बेरोजगारी बड़े पैमाने पर है। पढ़े-लिखे व अन्य कामगारों, मजदूरों को कोई काम नहीं मिल रहा है। किसान, व्यापारी और कर्मचारी आदि सभी त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। सारे प्रदेश सहित बाँदा जनपद और सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड का विकास ठप्प पड़ा है। भ्रष्टाचार चरम पर है। बालू माफिया प्रशासन पर भारी है। अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जीएसटी (गब्बर सिंह टैक्स) के नाम पर आये दिन व्यापारियों के यहाँ छापा डालकर अवैध वसूली की जा रही है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है व्यापारी अपने बच्चे नहीं पाल पा रहे हैं। दो जून की रोटी दूभर है।प्रदेश में बिजली व्यवस्था के बुरेहाल हैं। भ्रष्टाचार के तहत डुप्लीकेट ट्रांसफार्मर, इन्सुलेटर, लाइन केबिल आदि की सप्लाई शासन और अधिकारियों की साठगांठ से पूरे प्रदेश में लिए गए हैं। नतीजा बाँदा वालों के सामने हैं। ये सभी आए दिन फुक रहें है। कोई सुनने वाला नहीं। उसपर चित्रकूट मण्डल के बिजली विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जी को लिखित रिपोर्ट दी है कि 100 प्रतिशत बिजली सप्लाई है। बिजली विभाग द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश निजी कम्पनियों से मिलकर भ्रष्टाचार के तहत प्रीपेड स्मार्ट मीटर जनता के ऊपर थोप दिये गये है और जबरन लगाए जा रहे हैं। जिसमें मनमानी वसूली के साथ बिजली विभाग के अधिकारी सुविधा शुल्क निजी कम्पनियों के माध्यम से वसूल रहे हैं। उपभोक्ता त्राहिमान है। हमारी पार्टी का स्पष्ट कहना है कि पुरानी व्यवस्था लागू कर भ्रष्टाचार में भी अंकुश लगाया जाए।हर घर जल योजना के तहत सम्पूर्ण बाँदा जनपद बुन्देलखण्ड और प्रदेश में पक्की आरसीसी रोड़ो को तोड़कर पाइपलाइन तो डाली गई परन्तु पानी नहीं आ रहा है। साथ ही रास्तों गलियों में चलना निकलना दूभर है। यानी पहले पक्के रास्ते तोड़ो तो भ्रष्टाचार फिर पाइप लाइन डालो तो भ्रष्टाचार। जब कभी फिर रास्तों का निर्माण होगा तो भ्रष्टाचार “क्या बात भाई“अपनी गलती और चालाकी को छुपाने के लिए भा०ज०पा० ड्रामा कर रही है कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिला आरक्षण का विरोध विपक्ष ने लोकसभा में किया। असली बात भा०ज०पा० छुपा रही है। महिला आरक्षण तो बहुत ही लोकसभा में सर्वसम्मति पास हो चुका है। फिर दोबारा पास करने का क्या मतलब? असली बात यह कि जो भाजपा छुपा रही है कि लोकसभा में जो बिल गिरा है। वो परसीमन में आरक्षण को लेकर गिराया गया है। फिर कौन-कौन सी सीटें महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए आरक्षित किये जाने का प्रस्ताव है और यह जब ही स्पष्ट हो सकेगा जब प्रदेश की जनगणना हो जाए कि किसी सीट पर महिलाएं व अन्य वर्ग के व्यक्ति अधिक है।
उन्होंने आगे कहा कि बाँदा रिंग रोड (बाईपास) मैंने बनवाया प्रारम्भ किया था तो यह उस समय देश का पहला रिंग रोड था।बाँदा जिले में जो भी दफ्तर है (कमीशनरी से लेकर नीचे तक) अधिकारी है ही नही एक अधिकारी/कर्मचारी को कई-कई काम दिये गए हैं। नतीजा जनपदवासियों के काम नहीं हो पा रहे हैं। ऊपर भ्रष्टाचार चरम पर है।जब मैं मंत्री था मैंने बाँदा में राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना नरैनी रोड पर कराई थी परन्तु जैसे ही मैं मंत्री पद से हटा डाक्टर गायब, सारी मशीनरी गायब पहली बार देख रहा हूँ कि मेडिकल कॉलेज बांदा में संविदा पर रखे गये डॉक्टरों से चल रहा है। आये दिन लड़ाई झगड़ा हो रहा है कभी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताड़ तो कभी गाली गलौज कर रहे हैं। इसका असर किस पर पड़ रहा है? मरीजों पर पड़ रहा है। लोग अपने मरीजों को लेकर फिर से कानपुर-लखनऊ मजबूरी में जा रहे हैं। मैंने मेडिकल कालेज अपने लिए नही क्षेत्रवासियों के लिए बनवाया था जो मेरा उद्देश्य था उसे भाजपा की सरकार ने तहस नहस कर दिया।कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के साथ-साथ आज अन्य सामान्य लोगों पर अत्याचार हो रहा है। नाबालिक बेटियों/महिलाओं के साथ दुराचार करके उनकी हत्याएं हो रही है। कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज इस सरकार में नहीं है।किसान अलग परेशान है अभी हाल में ही बेमौसम बरसात और ओलवृष्टि के कारण किसानों की तैयार फसल बर्बाद हो गई परन्तु सरकार ने कोई मदद नहीं की। दूसरी तरफ जो खाद्य की बोरी माननीय अखिलेश यादव जी की सरकार में 50 किलो की बोरी 450 की थी वह बोरी वर्तमान सरकार ने पहले 45 किलो कर दी और अब 40 किलो कर दी जिसकी कीमत 1550 कर दी। गल्ला किसान भी परेशान है दिल्ली बार्डर में 731 किसानों को मार डाले तीन कृषि कानून को थोप कर। इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद, सपा जिलाध्यक्ष डा.मधुसूदन कुशवाहा, हसन सिद्दीकी, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद इमरान अली राजू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेन्द्र सिंह वर्मा, किरन वर्मा, मुमताज अली, ओमनारायण त्रिपाठी विदित, शब्बीर खान जुगनू, नफीस गावस्कर आदि मौजूद रहे।