– जहीर क्लब मैदान में श्रीराम कथा का दूसरा दिन
बांदा। छल त्यागने पर जीवन में सुखानुभूति होती है इसके बिन सुख पाने के चाहे करोडो प्रयास करलो असफल रहोगे इसमें संदेह की बात नही है। यह बात श्री राम कथा के दूसरेे दिन सोमवार को कथावाचक लोकेन्द्रदास महाराज ने कहीं है कहा कि छल का मतलब साफ यह है कि कोई भी मानव जिस वेश में होता वह सच में ऐसा होता नही उसका रूप दूसरा होता हैै। इधर, कथा शुभारंभ से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। गाजे-बाजे के साथ विभिन्न मार्गों में कलश यात्रा ने भ्रमण किया।
शहर के संकटमोचन मंदिर के सामने जहीर क्लब परिसर में सोमवार को कथावाचक ने कहा कि प्रभु श्री राम की शरण जाने पर जीवन सफल होता है इसलिये देर करने की जरूरत नहीं है इसमें विचार की कोई आवश्यकता नही होती है। वरना समय बीतने पर कुछ हासिल होने वाला नही है। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान रामजी करूणानिधान है उनकी शरण में आने वालो को संकट स्पर्श नही करते है। भ्रमित होने की स्थितियांे से घिर जाओगे तब बहुत देर हो जायेगी व्यर्थ में कीमती समय गंवाये नही जितनी शीघ्रता करोगे उतना उचित होगा प्रभु के स्मरण मात्र से अन्तर्मन में शान्ति ठहर जाती है मन में किसी प्रकार का संदेह नही रखो रघुवंशनाथ की भक्ति निष्छल भाव के साथ करोगे तो सुखद परिणाम समक्ष होगेे। इसमें तनिक भी दोराय नही है प्रभु राम तो भक्त की सहृदय भक्ति से प्रसन्न होते है। कथा के मध्य श्रीरामचरित मानस की चौपाई श्रवण कर आस्थावान भक्ति रस में डूबे रहे।

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