पैलानी/बांदा। पैलानी तहसील में आज दर्जनों किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि बाढ़ में डूबी हुई फसल का अभी तक किसी भी किसान को मुआवजा नहीं दिया गया जबकि बाढ़ आने से किसानों की फैसले पूरी तरह से जल मग्न हो गई थी और कुछ भी पैदा नहीं हुआ था जिनके खाने के लाले पड़े हुए हैं।वही सपा नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने आरोप लगाया कि लेखपाल हर जगह भ्रष्टाचार मचाए हैं लेकिन तहसील के सक्षम अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करते जब आम जनमानस शिकायत करते हैं अधिकारियों से तो ज्यादा से ज्यादा ट्रांसफर कर दिया जाता है जैसे कि सिंघन कला के लेखपाल का किया था जबकि पूरे सबूत थे उसके पैसा मांगने वीडियो वायरल हुआ था।आज गौरी खुर्द के किसानों ने एसडीएम पैलानी को शिकायती पत्र सौंपकर बताया है कि कैसे गांव के लेखपाल ने केवल उन्हीं की फसल खराब दिखाया जिनसे उसे पैसा; रिश्वत मिली बाकी किसानों का कोई नुकसान नहीं कोई मुआवजा नहीं
जबकि नुकसान तो तिरहार क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में सामूहिक रूप से हुआ है फिर इसमें मुआवजा तो सभी किसानों को मिलना चाहिए था लेकिन पैलानी तहसील के राजस्व विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों की लापरवाही से केवल कुछ किसानों को ही मुआवजा मिला और वो भी नाममात्र ये सरासर अन्याय है भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधि ढिंढोरा पीटते हैं किसानों के हितैषी बनने का लेकिन फसलों में नुकसान का मुआवजा सभी किसानों को क्यों नहीं दिया गया ये एक बड़ा प्रश्न है प्रदेश की भाजपा सरकार से न फसलों का मुआवजा न ही समय से किसानों को खाद मिल रही। जिलाधिकारी बांदा से मांग है कि इस मामले का संज्ञान लें और उचित कार्रवाई कर पुनः क्षेत्र का सही तरीके से सर्वे कराकर बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाया जाए और दोषी लेखपाल और अन्य राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें । ज्ञापन देने के दौरान शिवप्रसाद मातादीन शिवबदन चुन्नू महावीर संतराम शिव बहादुर सिंह शिव प्रताप सिंह सौरभ सिंह सहित दर्जनों किसान मौके पर मौजूद रहे।