उन्नाव – विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र थाना गंगाघाट के अंतर्गत शंकरपुर सराय के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सर्वेश लोधी पर हैंडपंप रिबोर व नाली निर्माण कार्य में लगाया था भ्रष्टाचार के आरोप जिसमें ब्लॉक स्तर से जांच के नाम पर खाना पूर्ति कराकर प्रधान को क्लीन चिट दे दी गई थी वहीं पर ग्रामीण व शिकायतकर्ताओं में अच्छी खासी नाराजगी देखने को मिली शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रधान के भ्रष्टाचार को आरटीआई के माध्यम से उजागर किया गया लेकिन सत्ता पक्ष से ताल्लुक रखने के चलते ग्राम प्रधान पर कार्रवाई नहीं हो रही है जब ग्रामीणों को न्याय नहीं मिला तो ग्रामीणों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया उच्च न्यायालय ने शिकायत कर्ताओ की शिकायत को संज्ञान में लेकर उन्नाव जिला अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को नोटिस भेज कर जांच करने के आदेश दिए,इसके साथ ही जिला अधिकारी ने कृषि विभाग से जांच के लिए कुलदीप मिश्रा की अगुआई मे टीम नियुक्त किया, जाँच अधिकारी कुलदीप मिश्रा अपनी टीम के साथ दिनांक 1/09/2023 को जांच करने शंकरपुर पहुंचे देर से पहुंचने के कारण जांच पूरी न होने से आज पुन : जांच करने शंकरपुर आए और शिकायतकर्ताओं की शिकायत सुनकर जांच की जिसमे नया खेड़ा में जूनियर स्कूल में हैंडपंप नही मिला प्रधान ने कहा की लगभग 150 मीटर दूर मसूरी माता मंदिर में लगा है
वहीं दूसरा नल नया खेड़ा प्राइमरी स्कूल में मरम्मत हुआ नल को नया दिखाने की कोशिश किया जोकि नल बनाने वाले मिस्त्री ने बताया की ये नल हमने बनाया है जो पुराना नल पाया गया
तीसरा नल कंहवापुर में चौराहे पर कागजों में दिखाया गया था जो की चौराहे पर कोई पाइप नहीं लगा पाया गया । लगभग 100 मीटर दूर लगे नल को दिखाने की कोशिश की जो 21 मई 2023 को लगाया गया है जबकि इसका पैसा 18/09/2021 को ही निकाल लिया गया है जिसके साक्ष्य शिकायत कर्ताओं के पास हैं वही चौथा नल गुड्डी ऊर्फ गुरुवाइन के दरवाजे लगा दिखाया गया जो लगभग 10 वर्ष पुराना है । वहीं पांचवा नल सुब्बापुर सुरेश के दरवाजे लगे हैंडपंप में विवाद बना रहा। पुराने कबाड़ को लेकर जांच अधिकारी ने पंचायत सचिव व प्रधान को फटकार लगाई। वहीं सवाल यह उठता है कि कार्य पहले होता है या बिल वाउचर पहले बनता है कार्य 2023 में हुआ बिल वाउचर बन के पैसा 2021 में निकला । वही ग्रामीणों का कहना है की कुछ पैसा अपने सगे भाई के खाते में भी डाला गया है कुछ तो खाते में ऐसा पैसा पड़ा हुआ है कि वही हैंडपंप के मिस्त्री है वही नाली निर्माण के मिस्त्री है । जब प्रधान का सगा भाई हैंडपंप रिपोर्ट भी कर सकता है नाली निर्माण भी कर सकता है तो फिर अन्य लेबरों की आवश्यकता प्रधान को नहीं होगी इसलिए अधिकतर पैसा अपने भाई के खाते में ही डाला है । वहीं जांच अधिकारी ने चलते-चलते ग्रामीणों व शिकायतकर्ताओं को आश्वासन दिया की निष्पक्ष जांच होगी जांच में दोषी पाए गए लोगों पर कठोर कार्यवाही होगी वही शिकायतकर्ताओं ने जांच अधिकारियों को धन्यवाद अदा किया, व पुन : एक बार न्याय की गुहार लगाई और जांच में सच्चाई सामने आने के बाद ऐसे भृष्ट ग्राम प्रधान व पूर्व मे जाँच के नाम पर ग्राम प्रधान पर मेहरबान जाँच अधिकारीयों पर कार्यवाही तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करें l