क्रासरःकोतवाली बबेरू में दो लोगों के खिलाफ दर्ज है अपहरण का मामला
क्रासरःपिता ने बेटे को बरामद करने की एसपी से लगाई कार्रवाई की गुहार
बांदा। मार्च माह के आखिरी दिनों में घर से निकला किशोर लापता हो गया। पिता ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ अपहरण और एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। पूछतांछ के लिए बुलाया भी गया, लेकिन बाद में जाने दिया गया। इधर छह माह का समय गुजर गया, अभी तक पुलिस ने बेटे को बरामद नहीं किया है। पुलिस का दावा है कि किशोर की नदी में डूबकर मौत हो गई है। लेकिन उसका शव बरामद नहीं किया जा सका है। जबकि पिता ने अपने बेटे की हत्या किए जाने और शव गायब किए जाने का आरोप लगाया है। सोमवार को पिता एसपी से मिला और पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
बबेरू कस्बे के देविन नगर मुहल्ले में रहने वाले सीताराम पुत्र समलिया सोमवार को पुलिस अधीक्षक से मिला। उसने शिकायती पत्र देते हुए एसपी को बताया कि उसका बेटा सुरजीत कुमार उर्फ करन कस्बे में आयोजित प्रदर्शनी में टिकट काटने का काम करता था। 29 मार्च को वह मढ़ी दाई स्थल के पास आयोजित प्रदर्शनी से अपना पारिश्रमिक लेने जाने की बात कहकर घर से निकला था, तब से लापता है। सीताराम ने एसपी को बताया कि उसने बबेरू कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्रदर्शनी में रहने वाले रोहित पुत्र अशोक कुमार वैश्य देविन नगर और शुभम पुत्र विनोद अग्रहरि के खिलाफ धार 363 और एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने अपना काम पूरा समझ लिया और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इधर, लापता बेटे का पिता सीताराम लगातार पुलिस की ड्योढ़ी पर अपने बेटे की बरामदगी की गुहार लगाते हुए भटक रहा है। पिता ने पड़ोस में रहने वाले दो लोगों पर आरोप लगाया है कि मामूली विवाद के बाद दोनो पड़ोसियों ने उसके बेटे को जान से मार देने की धमकी दी थी। उसके बाद से उसका बेटा लापता है, उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करते हुए कार्रवाई की जाए, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। सोमवार को सीताराम एसपी से मिला और पूरी कहानी बयां करते हुए बेटे की बरामदगी की मांग की। एसपी ने उसे कार्रवाई का आश्वासन इस संबंध में जब बबेरू कोतवाली प्रभारी पंकज सिंह से बात की गईतो उन्होंने बताया कि सुरजीत अपने साथियों के साथ बाकल देवी दर्शन को गया था। वहां नदी में नहाते समय वह डूब गया। भयवश उसके साथियों ने नहीं बताया। कई दिन बाद जानकारी हुई। अब यमुना नदी से पांच दिन बाद गायब शव मिल पाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सीओ बबेरू मामले की जांच कर रहे हैं।