चार दिनों तक चलने वाला आस्था के प्रतीक छठ महापर्व की शुरूआत हो चुकी है। ये त्योहार कार्तिक माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथी से नहाय-खाए के साथ शुरू हो जाता है। इसके बाद पंचमी वाले दिन खरना होता है। षष्ठी तिथी पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। वहीं, सप्तमी को उगते सूर्य को जल अर्पित कर व्रत संपूर्ण हो जाता है। छठ पर्व पर सूर्य देवता और छठी मैय्या की पूजा की जाती है बता दें कि ये व्रत बेहद कठिन माना जाता है। इस व्रत में उपवास रखने वाली महिला को 36 घंटों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए रखा जाता है। बिहार, झारखंड और यूपी के कुछ इलाकों में छठ पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह व्रत संतान के सुखी जीवन की कामना के लिए किया जाता है। चूंकि व्रत के तीसरे दिन यानि आज सूर्य को अर्घ्य देना होता है। आइये जानते हैं 19 और 20 नवंबर 2023 को सूर्यास्त और सूर्योदय का समय-

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