क्रासरःएक दिवसीय गोष्ठी का हुआ आयोजन
बांदा। आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बांदा बालकृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में आंगनबाडी केन्द्रों में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढीकरण के सम्बन्ध में कन्वर्जेन्स विभागों की मण्डल स्तरीय एक दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में आयुक्त ने कहा कि बेेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प की भांति आंगनबाडी केन्द्रों में भी सभी मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने के साथ बेहतर बनाये जाने का कार्य किया जाना है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारियों निर्देश दिये कि आंगनबाडी केन्द्रों में हर ब्लाक में एक मॉडल आंगनबाडी केन्द्र बनाया जाए तथा मॉडल आंगनबाडी केन्द्रों के अनुसार ही अन्य आंगनबाडी केन्द्र भी सुविधाओं सहित बेहतर बनाये जायें, जिससे कि आंगनबाडी केन्द्रों में बच्चे अधिक से अधिक आयें एवं उनको पोषाहार के साथ प्रारम्भिक शिक्षा बेहतर रूप मिल सके। आंगनबाडी केन्द्रों में शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्वच्छता आदि का विशेेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाडी केन्द्रों में गुणवत्ता के साथ सभी आवश्यक मूलभूत व्यवस्था सुनिश्चित की जायें। उन्होंने बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार, पंचायतीराज अर्न्तविभागीय विभाग के सहयोग से आंगनबाडी कायाकल्प के कार्य को पूर्ण किया जाना है। उन्होंने आंगनबाडी कार्यकत्रियों के कार्यों के सम्बन्ध में कहा कि गर्भवती महिलाओं की जांच एवं बच्चों के टीकाकरण में सहयोग करें तथा पोषण टैªकर एप में सभी आवश्यक सूचनायें अपलोड करें। आंगनबाडी के द्वारा समय-समय पर बच्चों के वजन एवं नाप-तौल की कार्यवाही करते हुए सैम बच्चों को चिन्हित कर स्वास्थ्य सुधार हेतु एनआरसी सेन्टर में भर्ती कराकर नियमित देखभाल से उनको स्वस्थ्य करके (सुपोषित) श्रेणी में लाने का कार्य करें।
उन्होंने बीएचएनडी दिवस में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सभी गर्भवती महिलाओं की समय से जांच एवं खान-पान के सम्बन्ध में जागरूक करायें, जिससे स्वस्थ्य बच्चा होगा। उन्होंने हॉट कूड मील योजना के अन्तर्गत बच्चों को गर्म पकापकाया भोजन की सुविधा भी संचालित करने के सम्बन्ध में अपेक्षा की। बच्चों के स्वास्थ्य हेतु स्तनपान हेतु जागरूकता लाने तथा बच्चों को समय से पौष्टिक पोषाहार वितरण कराये जाने की व्यवस्था रखने के निर्देश दिये। गोष्ठी में बच्चों हेतु बालमैत्रिक स्वच्छता सुविधा रखे जाने तथा लर्निंग लैब के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी। कार्यशाला में बताया गया कि पोषण पाठशाला के प्रति महिलाओं को जागरूक करें, जिससे विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाती है। गोष्ठी में बताया गया कि बच्चों में कुपोषण को रोकने के लिए इसकी तीन अवस्थाओं पर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है, जिसमें गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था में पौष्टिक आहार मिलना आवश्यक है। प्रसव पूर्व जांच समय से हों एवं उनमें किसी प्रकार की खून की कमी न होने पाये के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। आंगनबाडी केन्द्रों को स्वच्छ आवश्यक रूप से रखने के प्रति जागरूक किया गया। कार्यशाला में अन्य विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के अन्तर्गत किये गये कार्यों की प्रगति, अभिनव प्रयास के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दी गयी।
कार्यशाला में जफर खॉ उपनिदेशक बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाडी केन्द्रों में कायाकल्प के अन्तर्गत उपलब्ध कराये जाने वाले महत्पूर्ण सुविधाओं के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। श्री शशि मोहन यूनीसेफ के प्रतिनिधि द्वारा जल, स्वच्छता एवं पर्यावरण एवं मूलभूत व शैक्षणित अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण एवं सुधार के सम्बन्ध में तकनीकी जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में संयुक्त विकास आयुक्त अनिल कुमार, मुख्य विकास अधिकारी बांदा वेद प्रकाश मौर्य सहित मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट, महोबा एवं समस्त जिला कार्यक्रम अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, अपर निदेशक बेसिक शिक्षा तथ पंचायतीराज एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन श्रीमती अर्चना भारती केे द्वारा किया गया।