वाराणसी गंगा दशहरा के पावन पर्व पर धर्म नगरी काशी का अस्सी घाट आस्था और कला के अद्भुत संगम का साक्षी बना। ब्रह्माराष्ट्र एकम विश्व महासंघ न्यास, काशी के तत्वावधान में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। संत आशीर्वाद और सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यास के *श्री कुल पीठ के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 डॉ. सचिन्द्रनाथ महाराज* ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने माँ गंगा की आरती के पश्चात सभी प्रतिभागी कलाकारों को *स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र* देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।
महाराज जी ने अपने संबोधन में कहा, _”कथक केवल नृत्य नहीं, माँ गंगा की अविरल धारा की तरह हमारी संस्कृति का प्रवाह है। गंगा दशहरा पर इन बालिकाओं का नृत्य, माँ गंगा को सच्ची पुष्पांजलि है
कथक का संचालन और प्रस्तुतियां
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन *कथक गुरु आयुषी चौधरी* द्वारा किया गया। उनके निर्देशन में नन्हीं बालिकाओं ने गंगा अवतरण, शिव तांडव और कृष्ण लीला पर आधारित कथक की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। घुंघरुओं की छम-छम और तबले की थाप से पूरा घाट गुंजायमान हो उठा।
सम्मानित होने वाली बाल कलाकार_
इस अवसर पर कथक प्रस्तुति देने वाली निम्नलिखित 11 बालिकाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया:
श्रुति प्रजापति अनन्या दुबे अनन्या गुप्ता आराध्या गुप्ता आस्था गोंड अनुष्का भारद्वाज कुमकुम निष्ठा सूफिया वाणिशका श्रेया
घाट पर उमड़ा जनसैलाब गंगा दशहरा के अवसर पर अस्सी घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु और कथक प्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने माँ गंगा में दीपदान कर विश्व कल्याण की कामना की।