बांदा। कृषि विज्ञान केन्द्र, बांदा में कलस्टर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन- तिलहन अन्तर्गत अलसी प्रजाति बीयूएटी-अलसी-04 के ग्राम गुरेह, विकास खण्ड बडोखर खुर्द में कुल 5.6 हे0 क्षेत्रफल पर 14 अग्रिम पंक्ति प्रर्दशनों का आयोजन कराया जा रहा है। आज केन्द्र के डा.चचंल सिंह एवं डा0 दीक्षा पटेल ने कृषकों के प्रदर्शन प्रक्षेत्रों में भ्रमण किया साथ ही प्रक्षेत्र दिवस एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन केन्द्र द्वारा कराया गया। सर्वप्रथम डा0 दीक्षा पटेल ने सभी कृषकों का कार्यक्रम में स्वागत किया और ग्राम में आने का उद्देश्य बताया साथ ही चयनित कृषकों से बीयूएटी-अलसी-04 के प्रदर्शन के बारे में चर्चा की। उन्होेनें बताया कि यह प्रजाति बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा द्वारा वर्ष 2020 में तैयार की गयी है। यह प्रजाति बुन्देलखण्ड क्षेत्र के लिये उत्तम है। इसका औसत उत्पादन 12-15 कु0/हे0 होता है तथा इसमें तेल 35-40 प्रतिशत विद्यमान होता है। कृषकों ने भी इस प्रजाति के प्रक्षेत्र प्रदर्शन पर सत्ंाोष जताया। तदोपरांत डा0 चचंच सिंह ने अलसी में लगने वाली कलिका मक्खी के प्रबन्धन विषय पर कृषकों को प्रशिक्षित किया। अलसी में कलिका मक्खी के प्रभावी प्रबन्धन हेतु इमीडाक्लोप्रिड 17.8 0.5 मि0ली0/ली0 पानी की दर से उपयोग करने हेतु कृषकों को सलाह दी साथ ही 10 कृषकों को अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन हेतु इमीडाक्लोप्रिड के प्रदर्शन भी आयोजित कराये गये। कार्यक्रम में अलसी में कलिका मक्खी के प्रबन्धन के लिये कीटनाशी के छिडकाव का विधि प्रदर्शन भी आयोजित किया गया । कार्यक्रम के अन्त में डा0 दीक्षा पटेल ने सभी कृषकों को धन्यवाद् ज्ञापित किया। कार्यक्रम में 20 कृषकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम के प्रगतिशील कृषक अशोक सिंह, बृजभूषण सिंह एवं छत्रसाल सिंह आदि का विशेष योगदान रहा।

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