बांदा। विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने बताया कि जनपद के थाना कोतवाली नगर    के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शुक्ला ने 15 जुलाई 2023 को प्राथमिकी दर्ज कराई कि महेश अवस्थी पुत्र जगदीश प्रसाद  निवासी  ग्राम डारी बुजुर्ग  थाना बकेवर जनपद फतेहपुर, लाल सिह उर्फ़ लाल चंद्र पुत्र छेदू निवासी अंडवा थाना बरौर जनपद कानपुर देहात व नाजिम पुत्र नौरग निवासी भीतर गाव थाना सांड जनपद कनपुर नगर का एक संगठित गिरोह हैं जिनके विरुद्ध थाना कोतवाली नगर  में धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया।
अभियोजन विभाग से समन्वय करके समयबद्ध रूप से साक्षियों का साक्ष्य कराकर प्रभावी पैरवी किए जाने के फलस्वरूप अपर सत्र विशेष न्यायाधीश एडीजे पंचम गैंगस्टर कोर्ट द्वारा अभियुक्त को 02 वर्ष 01 माह के कठोर कारावास एवं  6000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। गैंगस्टर की विवेचना निरीक्षक सुखराम सिंह द्वारा संपादित की गई थी। जिस पर न्यायालय में प्रभावी पैरवी करके पैरोकार दिनेश कुमार कोर्ट मोहर्रिर रूबी पाल व अमित राजपूत विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह के द्वारा कड़ी मेहनत करने के बाद अभियुक्त को सजा दिलायी गईं । इनका एक संगठित गिरोह हैं जिसका गैंग लीडर महेश अवस्थी हैं लालसिंह व नाजिम सक्रिय सदस्य हैं यह गैंग अपने और अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक भौतिक एवं दुनियावी लाभ के लिए अवैध असलहा रखना व अपने गैंग के शौक पूरे करने के लिए चोरी करना, राहजनी,अवैध रूप से चोरी के सामान को बेचना ,जैसे अपराध कारित कर  अवैध धन अर्जित करता है। गैंग लीडर व सभी के ऊपर गंभीर धाराओं में मुक़दमे  दर्ज है! यह सभी बहुत ही दुर्दांत और बहुत ही शातिर किस्म के  अपराधी हैं। विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने यह बताया की यह गैंग चोरी,राहजनी जैसे गंभीर अन्य अपराधो को कारित करने के अभ्यस्त अपराधी है जिनके आधार पर इन सभी अभियुक्तों पर गैंगस्टर की कार्यवाही की गई। यह सभी बहुत ही दबंग और शातिर किस्म के अपराधी हैं। ये सभी गैंग बनाकर अपराध को अंजाम देते  हैं । इनके आतंक से आसपास के जनपद और गैर जनपदों  में दहशत फैली हुई हैं। जिसके फलस्वरूप और भय आतंक के कारण इस गैंग के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज कराने और गवाही देने का साहस नहीं कर पाता हैं।मुकदमे के वादी द्वारा सभी अभियुक्तों का गैंग चार्ट बनाकर जिलाधिकारी महोदय बांदा से अनुमोदित करा कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामले की सुनवाई के दौरान 20 दिसंबर 24 को अभियुक्तों का आरोप बनाया गया। अभियुक्त लाल सिह उर्फ़ लाल चंद्र की पत्रावली को पृथक कर मुक़दमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 1 गवाह पेश किया गया। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य के अवलोकन के बाद अपर सत्र विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट  गुणेंद् प्रकाश ने अपने आदेश में शातिर अपराधी लाल सिंह को दोषी पाते हुए 02 वर्ष 01 माह के कठोर कारावास और 6000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया।

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