– नरैनी पुलिस की तत्परता घटना के दो घंटे के अंदर आरोपियों को किया गिरफ्तार
नरैनी/बांदा। जनपद इन दिनों इंसानियत को तार-तार करने वाली घटनाओं का गढ़ बन चुका है। एक के बाद एक दिल दहलाने वाली वारदातों ने समाज की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। पहले चिंगारी संगठन की शर्मनाक हरकतों ने जनपद को बदनाम किया, फिर रईसजादों की कुकर्म लीला ने नैतिकता की सारी हदें पार कर दीं। नरैनी कस्बे के बंबा तालाब के पास एक रईसजादे की कुख्यात हरकतों का वीडियो वायरल होने से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की जघन्य घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। यह घटना मानवता पर एक गहरा धब्बा है, जिसने समाज के माथे पर शर्मिंदगी की काली स्याही पोत दी।पीड़िता के पिता की नरैनी कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, उनकी नन्हीं बेटी को गांव के कुछ हैवानों ने जहरीला पदार्थ सुंघाकर स्कूल के पीछे से अगवा किया। इसके बाद अतर्रा, बांदा में इन दरिंदों ने उस मासूम के साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। अपनी काली करतूत को पूरा करने के बाद इन वहशियों ने पीड़िता को खत्री पहाड़ के पास एक खेत में बेहोशी की हालत में फेंक दिया और फरार हो गए। खेत के पास रहने वाले एक बाबा ने मासूम को देखकर शोर मचाया, लेकिन तब तक ये राक्षस अपनी नीच हरकत को अंजाम देकर भाग चुके थे।इस जघन्य अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पलाश बंशल ने कड़ा रुख अपनाते हुए नरैनी पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने अपनी तत्परता का परिचय देते हुए देर रात इस घृणित कांड के सभी आरोपियों को धर दबोचा। पीड़िता का मेडिकल करवाकर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और कठोर कानूनी कार्रवाई को अंजाम दे रही है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने जनता के बीच कुछ राहत की सांस दी है, लेकिन समाज में गुस्से की लहर दौड़ रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक मासूम बेटियां इन वहशी दरिंदों का शिकार बनती रहेंगी?यह घटना बांदा में रईसजादों की कुकर्म लीला के बाद दूसरा बड़ा झटका है, जिसने समाज को शर्मसार कर दिया। यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ एक संगठित साजिश है। क्षेत्र में आक्रोश की आग भड़क रही है और जनता अब ऐसी घृणित वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए कठोरतम कदम उठाने की मांग कर रही है। समाज और प्रशासन को अब जागना होगा। इन दरिंदों को ऐसी सजा दी जाए जो न सिर्फ उन्हें सबक सिखाए, बल्कि भविष्य में ऐसी वारदातों को सोचने वालों के लिए एक कड़ा संदेश बने।प्रशासन और समाज के लिए संदेशरू यह समय केवल कार्रवाई का नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं की जड़ को उखाड़ फेंकने का है। बेटियों की सुरक्षा, समाज की नैतिकता और कानून का राज स्थापित करने के लिए हर स्तर पर कठोर और त्वरित कदम उठाए जाएं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना होनी चाहिए, लेकिन यह शुरुआत मात्र है। अब समाज को एकजुट होकर इन वहशियों के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी, ताकि बांदा की धरती पर फिर कभी कोई मासूम इस तरह की हैवानियत का शिकार न बने।