मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में 381 करोड़ की 15 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण
सहारनपुर, संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को सहारनपुर में 381 करोड़ की लागत वाली 15 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सहारनपुर वासियों को बधाई देते हुए कहा कि डबल इंजन की भाजपा सरकार ने इस क्षेत्र की उपेक्षा को समाप्त कर विकास और विरासत के संरक्षण का एक नया अध्याय शुरू किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में विकास, विरासत और स्वदेशी को बढ़ावा देने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार भैंसा गाड़ी नहीं, बल्कि बुलेट ट्रेन की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज सावन का अंतिम सोमवार है। सभी शिव मंदिरों में भक्तों का उत्साह देखने लायक है। सहारनपुर, उत्तर प्रदेश का एक कोना होने के कारण पहले उपेक्षित रहा, लेकिन अब डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यहां विकास की किरणें पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र से पलायन और निराशा थी, लेकिन अब सहारनपुर की जनता में नई उम्मीद जगी है। सीएम योगी ने सहारनपुर को उसकी समृद्ध विरासत से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मां शाकुंभरी का पावन धाम और माता त्रिपुरी बाला सुंदरी का स्थल इस क्षेत्र की पहचान हैं। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है और इसका हैंडओवर अंतिम चरण में है। जल्द ही इसका भव्य लोकार्पण होगा। इसके अलावा, मां शाकुंभरी कॉरिडोर और ऐलिवेटेड मार्ग के निर्माण की योजना का भी जिक्र किया, जिससे श्रद्धालु हर मौसम में आसानी से तीर्थ स्थल तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने जाहर वीर गोगा के सुंदरीकरण कार्य का उद्घाटन करने की बात भी कही, जो 900 साल पहले विदेशी आक्रांताओं से देश की रक्षा करने वाले वीर योद्धा थे और जिन्होंने बाबा गोरखनाथ के दर्शन के उपरांत यहां पर समाधि ली थी, उनके आश्रम को भव्य रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास और विरासत के संरक्षण में संतुलन बनाए हुए है। उन्होंने पिछली सरकारों पर जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले की सरकारें जाति के नाम पर समाज को बांटती थीं और योजनाओं का लाभ केवल एक परिवार तक सीमित रहता था।