वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम के आवाहन पर आज पूरे प्रदेश में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग की ओर से प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष द्वारा सार्वजनिक तौर पर संविधान विरोधी वक्तव्य के संबंध में ज्ञापन देने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसी क्रम में आज वाराणसी में जिला अध्यक्ष मुनीर सिद्दीकी महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद डोडे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय के द्वारा मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय को संबोधित एक पत्र भेजा। जिलाधिकारी के अनुपस्थिति में ज्ञापन अशोक यादव अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष विवेक देबरॉय ने अंग्रेज़ी दैनिक द मिंट के 15 अगस्त 2023 के संस्करण में मौजूदा संविधान की जगह नया संविधान लाने की वकालत करते हुए ‘देयर इज़ ए केस फॉर वी द पीपल टू इंब्रेस अ न्यू कॉस्टिट्यूशन’ शीर्षक से लेख लिखा है। चूंकि यह लेख उनके सरकारी ओहदे के साथ प्रकाशित हुआ है। इसलिए इसे उनका व्यक्तिगत राय नहीं समझा जा सकता और ना ही ये संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति के उनके अधिकार के तहत ही आता है। लिहाजा तकनीकी तौर पर ऐसी कोई वजह नहीं दिखती कि इसे केंद्र सरकार की राय न मानी जाए। जिस तरह लेख में संविधान के बुनियादी संरचना को खत्म कर देने की वकालत के साथ उसमें वर्णित समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक, न्याय, स्वतंत्रता और समानता जैसे शब्दों को हिकारत से संबोधित किया गया है। वह न सिर्फ़ संविधान विरोधी है, बल्कि इन्हीं मूल्यों पर आधारित हमारे गौरवशाली स्वतंत्रता आंदोलन का भी अपमान है। जो इस लेख को राजद्रोह के दायरे में लाता है। इसलिए यह हमारे संवैधानिक लोकतंत्र के विरुद्ध होगा कि ऐसे व्यक्ति अपने पद पर बने रहें।
संविधान के अभिरक्षक होने के कारण हम आपसे उम्मीद करते हैं कि आप इस विषय में आवश्यक हस्तक्षेप कर संविधान की सुरक्षा का भरोसा देश को दिलाएंगे। प्रतिनिधिमंडल में महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष फसाहत हुसैन बाबू, नईम अहमद प्रधान, हसन मेंहदी कब्बन, अशोक सिंह एडवोकेट, तौफीक कुरैशी, मुनीर नज़्म सिद्दीकी, अब्दुल हमीद डोडे, लक्ष्मेश्वर नाथ शर्मा, रईस अहमद, जुबैर खान बागी आदि लोग उपस्थित रहें।