बाँदा। बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा में ब्लैन्डिड लर्निंग प्लेटफॉर्म विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन मंगलवार को हुआ। इस कार्यशाला का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली, भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली तथा बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा द्वारा राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (नाहेप) के अन्तर्गत किया जा रहा है। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक और छात्र-छात्राऐं प्रतिभाग कर रहे हैं।
कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो0 एस0के0 सिंह, कुलसचिव ने शिक्षण में कम्प्यूटर तकनीक के समावेश के महत्व पर चर्चा करते हुये कहा कि बदलते परिवेश में शिक्षा की गुणवत्ता में वांछित सुधार के लिए आधुनिक संचार तकनीकियों की मदद से शिक्षण-विधियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कृषि शिक्षा में सुधार के लिए आई0सी0ए0आर0 द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि आई0सी0ए0आर0 पिछले वर्षों मे देश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम, ऑगमेन्टिड रिएलिटी – वर्चुअल रिएलिटी सुविधाऐं व ब्लैन्डिड लर्निंग प्लेटफार्म जैसी तकनीकियों को विकसित कर चुका है।
नाहेप परियोजना (कॉम्पोनेन्ट 2) के प्रधान अन्वेषक डॉ0 सुदीप आरवाहा इस अवसर पर ऑनलाईन माध्यम से जुडे और उन्होंने ब्लैन्डिड लर्निंग प्लेटफार्म के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने आई0सी0ए0आर0 द्वारा विकसित अन्य सूचना तकनीकी आधारित प्लेटफॉर्म के बारे में भी जानकारी दी।कार्यक्रम के प्रारम्भ में भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के वैज्ञानिक डॉ0 चंदन कुमार देब ने कार्यशाला के उद्देश्य व रूपरेखा से प्रतिभागियों को अवगत कराया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से निदेशक प्रसार डॉ0 एन0के0 बाजपेयी, निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण डॉ0 बी0के0 सिंह, निदेशक काउन्सिलिंग एवं प्लेसमेन्ट डॉ0 भानु प्रकाश मिश्रा, निदेशक शोध डॉ0 ए0सी0 मिश्रा, अधिष्ठाता कृषि डॉ0 जी0एस0 पंवार, अधिष्ठाता वानिकी डॉ0 संजीव कुमार, एवं अधिष्ठाता पीजी स्टडीज डा0 मुकुल कुमार आदि गणमान्य जन उपस्थित थे।कार्यशाला का संयोजन निदेशक प्रोजेक्ट मांनिटरिंग इवेल्यूवेशन एवं कोआर्डिनेशन डा0 ए0के0 श्रीवास्तव ने किया। संचालन डॉ0 मोनिका जैन व धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 विशाल चुग ने किया।कार्यशाला के दूसरे दिन ’करके सीखो’ के सिद्धान्त पर प्रतिभागियों के लिए हैण्ड्स ऑन प्रक्टिस सत्रों का आयाजन किया गया। अलग-अलग सत्रों में प्रतिभागियों ने ब्लैन्डिड लर्निंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विभिन्न क्रिया कलापों को स्वयं अभ्यास किया। इस प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन शिक्षण, अकादमिक वीडियो, ऑनलाइन मूल्यांकन से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाऐं उपलब्ध हैं।