– फारेंसिक जांच में हो जायेगा दूध का दूध और पानी का पानी
बांदा। शहर के बहुचर्चित दुष्कर्म काण्ड में जहां तीन रईसजादों सहित चार लोगों के जेल में जाने से मामला ठंडे बस्ते में जाता दिखाई देने लगा है। वहीं लोग दुबी जुबान पेन ड्राइव को लेकर चर्चा कर माहौल गर्म बनाये हुए हैं। सूत्रों के अनुसार पेन ड्राइव की यदि फारेंसिंक जांच जाती है तो उसमें कई नामचीन व्यापारियों सहित कई और बड़ी सख्सियतें बेनकाब हो सकती हैं। अब देखना यह है कि पेन ड्राइव का जिन्न बोतल से बाहर कब निकलकर और कई लोगों को अपने चंगुल में दबोचता है।
बताते चलें कि पिछली 22 मार्च को तीन युवतियों ने शहर के तीन ईसजादों पर दुष्कर्म और ब्लैकमेंकि, मानव तस्करी, एससी एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें चर्चित रईसजादे आशीष अग्रवाल, लोकेन्द्र सिंह चंदेल और गुटखा व होटल कारोबारी स्वतंत्र साहू मइयन को मुख्य आरोपी बनाते हुए नवीन विश्वकर्मा को भी आरोपी बनाया गया था। जिसमे आरोपियों को पुलिस ने पकड़कर न्यायालय में हाजिर करने के बाद जेल भेज दिया तो वहीं दो रईसजादों स्वतंत्र साहू मइयन और लोकेन्द्र सिंह चंदेल ने लग्जरी स्टाईल में कोर्ट में सरेण्डर कर दियाा था। जिसके बाद इन दोनों को भी न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। लेकिन सबसे अहम बात तो यह है कि जिस पेनड्राइव के वीडिया के आधार पर पुलिस ने हरकत में आकर इनपर कार्यवाह की है। वह पेनड्राइव अभी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों की माने तो उसमें अलीगंज से लेकर सर्राफा बाजार तक कई नामचीन चेहरे और छिपे हुये हैं। इसके अलावा एक बीमा कंपने के जुड़े व्यक्ति के नाम की भी चर्चा हो रही है। अब देखना यह है कि पेन ड्राइव के सत्य पर जिम्मेदारों की नजर कब पड़ती है यह तो वक्त ही बतायेंगा। बहरहाल पेनड्राइव को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं।

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