पैलानी/बांदा। गलौली-बाराघाट मार्ग पर स्थित पीपों का पुल, जो हाल ही में ओवरलोड ट्रैक्टर के दबाव से टूट गया था, अब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कुछ ही दिनों में पुल को दुरुस्त कर दिया गया। पुल के चालू होते ही क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। घटना के समय एक चार पहिया वाहन पुल पर फंस गया था, जिससे पूरी तरह आवागमन बाधित हो गया था। ग्राम प्रधान बृजेन्द्र सिंह और पूर्व प्रधान रंजन सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासन को अवगत कराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से पुल पर ओवरलोड ट्रैक्टर और भारी वाहनों का आवागमन हो रहा था, जिससे पुल की संरचना कमजोर हो गई थी। खबर प्रकाशित होते ही जिलाधिकारी जे. रीभा ने मामले का संज्ञान लिया। थाना प्रभारी अनुपमा तिवारी, उपनिरीक्षक दिलीप सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पुल की स्थिति का निरीक्षण किया। ग्राम प्रधान ब्रजेन्द्र सिंह और अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में पुल मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। प्रशासन की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से पुल को कुछ ही दिनों में ठीक कर दिया गया। जैसे ही पुल चालू हुआ, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। यह पुल बांदा, फतेहपुर और कानपुर को जोड़ने वाले मार्ग का अहम हिस्सा है, जिससे रोज़ाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। स्थायी समाधान की मांग बरकरार हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन से यह मांग भी दोहराई कि अस्थायी पीपों के पुल के स्थान पर अब एक पक्का पुल बनाया जाए, ताकि बार-बार आने वाली परेशानियों और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।