बंादा। बीती रात ग्राम परेहड़ा में एक अजी़मुश्शान जलसा ए सीरतुन्नबी सल्लल्लाहु अलैहि व आलिही वसल्लम का आयोजन किया गया।। जिसमे हज़रत मौलाना सैय्यद नय्यर रब्बानी साहब ने फ़रमाया कि जब मेरे नबी से सहाबा ने पूछा कि या रसूलल्ललाह मैदाने महशर में हमको आप कहाँ मिलेंगे। तो सरकारे दो आलम सल्लल्लाहु अलैहि व आलिही वसल्लम ने फ़रमाया कि मैं या तो पुल सिरात में मिलूँगा या हौज़े कौसर पे मिलूँगा या फिर मीज़ान ए अमल पे अपनी गुनाहगार उम्मत के अमल तौलवा रहा हूँगा। ह़ज़रत सैय्यद ग़ुफ़रान रब्बानी साहब ने फ़रमाया कि ऐ मुसलमानों दुनिया में ऐसे काम कर जाओ कि जब तुम मर कर क़ब्र में चले जाओ, तो वहाँ भी तुमको सवाब मिलता रहे।और नमाज़ की पाबंदी करो क्योंकि नमाज़ हमारे नबी की आँखों की ठंडक है। सैय्यद फ़ैज़ान रब्बानी व सैय्यद आदिल मसूदी ने खूबसूरत नातो मनक़बत पेश किए। प्रोग्राम में आए सभी लोगों ने जलसे को खूब पसन्द किया। शोबा ए तबलीग और कमेटी के लोगों ने जलसे को सजाया।जलसे के बाद अमीर शोबा ए तब्लीग़ मौलाना सय्यद आबिद रब्बानी साहब की जानिब से ज़रूरतमंदों को बैडशीट बाँटी गई। जलसे में खुसूसी तौर पर हाफ़िज़ शाहिद, मोह़म्मद हनीफ़ रब्बानी, मोह़म्मद रईस, बरकत अली, शकील, आदि शामिल रहे। जलसे में सैकड़ो लोगों की शिरकत रही। गाँव व कमेटी के लोगों ने जलसे में आए हुए सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया।