बांदा। जिला पंचायत में चल रहे भ्रष्टाचार की कहानी पर कब फुल स्टाप लगेगा, यह तो कहना बहुत ही मुश्किल। लेकिन फिलहाल एक मामले को लेकर जिला पंचायत फिर चर्चा पर है। मामला खनिज परिवहन शुल्क वसूली से जुड़ा हुआ है। जिस पर जिले के अपर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी को सौंपी गई जांच रिपोर्ट पर फर्म व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट करने के बात कही है। बताते चले कि बीते 24 अप्रैल को जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल ने आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में अवैध रूप से हो रही खनिज परिवहन शुल्क वसूली की शिकायत की थी। जिस पर उन्होंने कहा कि जिला पंचायत में अपर मुख्य अधिकारी का रिक्त होने के चलते पंचायत को भारी वित्तीय क्षति पहुंच रही है। क्योंकि जिस फर्म को वर्ष 2024-25 की वसूली का ठेका हुआ था। वही फर्म वर्ष 2025-26 में भी अवैध वसूली कर रही है, जो नियमों के खिलाफ है। जिस पर अपर आयुक्त भगवान शरण ने जिलाधिकारी । जिला पंचायत में एमए का पद रिक्त होने के चलते मिली भगत से पहुंचाई जा रही वितीय क्षतिसमयावधि समाप्त होने के बाद भी हो रही खनिज वसूली बानीपण को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। जिस पर अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल द्वारा लगाए गए आरोप सत्य पाए गए हैं। 2025-26 की टेंडर प्रक्रिया न होने के बावजूद पूर्व को फर्म द्वारा अवैध ढंग से खनिज परिवहन शुल्क की वसूली की जा रही है। जिससे पंचायत को भारी वित्तीय क्षति पहुंच रही है। अपर जिलाधिकारी ने अपनी सौंपी गई जांच रिपोर्ट में अपर मुख्य अधिकारी को अवैध रूप से संचालित वसूली के पर संबंधित फर्म व ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने व फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही किए जाने के की बात कही है। साथ ही अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी व आयुक्त को भी भेजा है।