वाराणसी। समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने ग्राम चौपाल मंच से स्मार्ट विलेज पर परिचर्चा का आयोजन किया। छात्रों ने स्मार्ट विलेज कूडा प्रबंधन, आदर्श ग्राम की परिकल्पना, स्मार्ट स्वास्थ्य देखभाल और टेलीमेडिसिन, उद्यमिता समेत अन्य महत्वपूर्ण आयामों पर चर्चा की। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, एकीकृत स्थानीय शासन प्रबंधन प्रणाली पर ध्यान देने की बात कही। कार्यक्रम समन्वयक डा. आलोक पांडेय ने बताया कि वर्तमान दौर में वास्तविक ग्रामीण विकास करना है तो हमारे गांव को स्मार्ट विलेज बनाना होगा। डिजिटल तकनीकी आधारभूत संरचना और नीतियों में सुधार करना होगा। डिजीगांव, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, एकीकृत स्थानीय शासन प्रबंधन प्रणाली पर ध्यान देना होगा। राम साहू, ने कहा की रोजगार के अवसर बढ़ाने का सबसे आसान तरीका ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने सरकारी उद्यमिता से संबंधित योजनाओंके बारे मे भी बताया। लकी राजा ने छत्तीसगढ़ राज्य मे श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन से स्मार्ट गांव बनाने के बारे में बताया। स्वाती ने गांव में स्वच्छता एवं कूडा प्रबंधन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट गांव के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है। अभिषेक कुमार सिंह ने स्वास्थ्य देखभाल और टेलीमेडिसिन से स्मार्ट हेल्थ का सुझाव दिया। गांव में टेलेमेडीसीन से लोगों का स्वास्थ्य बेहतर किया जा सकता है ग्राम चौपाल एकीकृत ग्रामीण विकास केंद्र के छात्रों की एक पहल है, जिसमें ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाती है। ग्राम चौपाल के छात्र समन्वयक प्रिया सिंह एवं अभिषेक मिश्रा एवं समन्वयक डॉ आलोक पांडेय कोर्स कोऑर्डिनटोर समन्वित ग्रामीण विकास केंद्र हैं। कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद शुभांगिनी एवं ओमप्रकाश ने किया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। इस दौरान राम साहू, लकी राजा, अभिषेक कुमार सिंह और स्वाती ने स्मार्ट विलेज पर चर्चा की।