वाराणसी। मां गंगा के तट पर काशी विश्वनाथ दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जंत्रलेश्वर यादव की अगुवाई में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का 54वां प्रकाश उत्सव मनाया गया। इस दौरान स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और महर्षी स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती को भी पुष्पांजलि अर्पित की गई। वहीं 11 किलो चावल के लेप से काशी विश्वनाथ का शिवलिंग बनाकर पूजा-अर्चना की संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज सनातन धर्म की रक्षा के लिए अनवरत पूरे भारत में भ्रमण कर रहे हैं और विश्व कल्याण के लिए धार्मिक अनुष्ठान यज्ञ का आयोजन कर रहे हैं। नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए शिक्षा की व्यवस्था तथा पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निशुल्क दंत चिकित्सालय, गौ रक्षा के लिए गौशाला का निर्माण तथा ज्योतिष पीठ में आए भूस्खलन के निवारण के लिए प्रदेश शासन का ध्यान आकर्षित किए। क्षेत्र के लोगों की सुख सुविधा का इंतजाम अपने स्रोत से कर रहे हैं तथा विशेष विकास के लिए धार्मिक अनुष्ठान करके लोगों में विश्वास पैदा कर रहे हैं सर्वप्रथम स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज एवं महर्षि स्वामी ज्ञानानंद सरस्वती महाराज को नमन के साथ पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। बाबा विश्वनाथ का विधिवत पूजन अर्चन किया गया। 11 किलो चावल के लेप से बने बाबा विश्वनाथ शिव लिंग का रूप दिया गया, जो दिव्य भव्य लग रहा था। बाबा विश्वनाथ के शिव लिंग को मां गंगा में प्रवाहित किया गया। इसके बाद मां गंगा की आरती की गई। भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। वहीं महाराज के अवतरण दिवस पर जरूरतमंदों एवं असहायों को अन्न, सामग्री की दी गई।