कुलपति ने दीक्षांत समारोह में किया प्रतिभाग
320 छात्र-छात्राओं को प्रदान की उपाधियां
बांदा। आनन्दी बेन पटेल, राज्यपाल उप्र, कुलाधिपति कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा ने आज कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के नवम् दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ किया तथा दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान किये। इससे पूर्व उन्होंने ग्रामीण महिला कौशल एवं उद्यमिता विकास केन्द्र का उद्घाटन फीता काटकर किया तथा महिला छात्रावास का शिलान्यास किया। इस छात्रावास का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूर्ण किया जायेगा।
दीक्षान्त समारोह कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए राज्यपाल, कुलाधिपति ने कहा कि कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा में ऋषि बामदेव की पावन धरती में आयोजित नवम् दीक्षान्त समारोह में उपस्थित होने पर अपार प्रशन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज जिन छात्र-छात्राओं को मेडल प्राप्त हुआ है, उनको एवं उनके माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि माता-पिता का बच्चों को आगे बढाने में बहुत बडा योगदान रहता है, इसलिए बच्चे माता-पिता को कभी न भूले और हमेशा उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि जिन छात्र/छात्राओं को आज मेडल नही मिला है वह सभी अपने जीवन के लिए इतना अच्छा कार्य करें कि, उन्हें यह कार्य ही मेडल के रूप में प्राप्त हो और उनका नाम रोशन हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों को वैज्ञानिक ढंग से उन्नतशील खेती करना सिखायें और किसान बेहतर किश्म के बीजों तथा जैविक खाद का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादकता को बेहतर मूल्य मिले, इस क्षेत्र में कार्य करने की आवश्यकता है। यहां के लोग पपीता, गुलाब, नीम, एलोवेरा उगायें तथा कम लागत से अन्य चीजें जैसे साबुन आदि प्रोडक्ट स्वयं तैयार करें तथा आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि बच्चों, वृद्ध एवं गर्भवती महिलाओं के लिए लाभदायक एवं पौष्टिक आहार दें, जिससे छोटे बच्चे कुपोषण का शिकार न हो और गम्भीर बीमारियां न हो सकें। उन्होंने कहा कि आंगनबाडी केन्द्रों को विश्वविद्यालय से जोडकर उन्हें बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे कि गरीब परिवारों के बच्चों का आंगबाडी केन्द्रों के माध्यम से शिक्षा एवं स्वास्थ्य में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि किसानों के बीच में बैठकर कृषि के विषय में वैज्ञानिक जानकारी दें ताकि किसान कृषि कार्य वैज्ञानिक एवं उन्नतिशील तरीके से करके अपना उत्पादन बढा सकें। उन्होंने कहा कि किसानों में परिवर्तन लाने में विद्यालय के बच्चों का बहुत बडा योगदान हो सकता है। उन्होंने पीएचडी कर रहे छात्र/छात्राओं से कहा कि वह सामाजिक समस्याओं के विषयों में शोध करें। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रगति कर रहा है, इसी तरह निरन्तर प्रगतिशील रखने हेतु विश्वविद्यालय द्वारा शोध सहित अन्य कृषि सम्बन्धी उन्नतशील बीजों को तैयार करने का कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित तकनीकी एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को किसानों, महिलाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं तक अवश्य पहुंचाये, जिससे वह स्वावलम्बी एवं सशक्त हो सकें। प्रधानमंत्री का सपना है कि स्वयं सहायता समूह की सखियां लखपति एवं ड्रोन दीदियां कैसे बने, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय कनवारा भाग-1 व 2 के बच्चों को फल, किताबें व बैग एवं पाठ्य समाग्री का वितरण किया। इसके साथ ही उन्होंने आंगनबाडी केन्द्र के गरीब बच्चों को छोटी साइकिल, कुर्सी, मेज, किताब, स्टेशनरी किट का वितरण आंगनबाडी कार्यकत्रियों को किया। इसके साथ ही उन्होंने जनपद बांदा के 101 आंगनबाडी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न बनाने हेतु आंगनबाडी में सहायता किट का वितरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आंगनबाडी केन्द्र के बच्चों को छोटे-छोटे खिलौने व पठन-पाठन समाग्री के द्वारा बौद्धिक विकास बचपन से होगा और उनको आगे बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में निदेशक, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान केन्द्र लखनऊ डॉ0 अजीत कुमार साशनी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को खाद्यान उपलब्ध कराने के लिए 70 प्रतिशत खाद्यान का उत्पादन ज्यादा करना होगा और लोगों को पौष्टिक भोजन दिये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि क्लाइमेट में परिवर्तन हो रहा है, इसलिए पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए उपाय किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु कृषि क्षेत्र सहित अन्य इंजीनियरिंग के क्षेत्र में स्टार्टअप कर अपना उद्यम अपनायें। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र दलहन एवं तिलहन का उत्पादन करने योग्य क्षेत्र है, यह क्षेत्र दलहन का हब बन रहा है। छात्र/छात्रायें अपने देश की उन्नति के लिए नये शोध कर विकास में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि कृषि, शिक्षा शोध एवं प्रसार गतिविधियों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में योगदान हेतु कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन छात्र/छात्राओं ने आज उपाधि एवं पदक प्राप्त किये हैं तथा प्रबुद्ध संकाय सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि प्रबुद्ध जिन्होंने कड़ी मेहनत द्वारा इन विद्यार्थियों में गुणवत्तायुक्त शिक्षा, ज्ञान, कौशल एवं मानवीय मूल्यों का समावेश किया है। मुझे आप सभी मेधावी विद्यार्थियों से आशा है कि आप इस विश्वविद्यालय से अर्जित ज्ञान एवं कौशल से देश के सीमान्त एवं मध्यमवर्गीय कृषकों को खेती के उन्नत तरीकों द्वारा जीवन स्तर को सुधारने हेतु कृषकों का मार्गदर्शन करेंगें।
दीक्षांत समारोह में कुल 320 मेधावी छात्र/छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गयी, जिसमें कृषि संकाय, उद्यान, वानकी, सामुदायिक विज्ञान संकाय, पीएचडी कृषि एवं उद्यान संकाय के छात्र/छात्राओं को बीएससी, एमएससी व पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गयीं, जिसमें कु0अंजली वर्मा को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कु0आयुषी सिंह को कृषि क्षेत्र में वाइस चान्सलर गोल्ड मेडल, अभिषेक मिश्रा को उद्यान में स्वर्ण पदक, कु0ऋतिका श्रीवास्तव को वानिकी में स्वर्ण पदक, उद्यान में अभिषेक प्रताप को स्वर्ण पदक दिया गया। कर्ण गुप्ता में एग्रीकल्चर में सिल्वर मेडल, सूर्य प्रताप सिंह को वानिकी में रजत पदक, अभय प्रताप सिंह को रजत पदक, सत्येन्द्र कुमार को रजत पदक तथा ख्याती अग्रवाल, अरूण चौधरी, ऋचा रघुवंशी, अंजना, नेहा को रजत पदक प्रदान किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0नरेन्द्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में प्रथम बार छात्र/छात्राओं को सर्वाेच्च चान्सलर पुरूस्कार प्रदान किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट स्थान पाने वाले 40 छात्र/छात्रायें हैं, इनमें से 20 छात्र/छात्राओं को विभिन्न पदक दिये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा 87 शोध पत्र जारी किये गये हैं और कई एमओयू शोध हेतु हस्ताक्षरित किये गये हैं। विश्वविद्यालय में नेचर पार्क, तुलसी वाटिका की स्थापना भी की गयी है, इसके साथ ही विश्वविद्यालय उन्नतिशील बीज का उत्पादन भी करने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम में प्रदेश के जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, कुलपति डा.नरेन्द्र प्रताप सिंह, आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बांदा बालकृष्ण त्रिपाठी, पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी बांदा श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल, कुलसचिव डॉ0 एस के सिंह, सहित जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष भाजपा संजय सिंह सहित अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अमिताभ यादव, नगर मजिस्टेªट विजय शंकर तिवारी, प्रबन्ध परिषद एवं विद्वत परिषद के सम्मानित सदस्यगण, आमंत्रित अतिथिगण, आंगनबाडी कार्यकत्रियां, पत्रकार बन्धु, विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारीगण, छात्र एवं छात्राएं, उपस्थित रहे।