बांदा। प्रदेश के बांदा, बुंदेलखंड क्षेत्र में इस बार की असमय और लगातार हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर कहर ढा दिया है। खेतों में पकने को तैयार धान की फसलें जलमग्न होकर सड़ चुकी हैं और कई जगहों पर बालियों में अंकुर फूट आए हैं। ग्रामीण इलाकों से मिली रिपोर्टों के अनुसार लगभग 80 फीसदी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डाक के माध्यम से पत्र भेजकर किसानों के लिए तात्कालिक राहत और मुआवज़े की मांग की है। अपने पत्र में शालिनी सिंह पटेल ने लिखा है कि “यह केवल फसलों का नुकसान नहीं, बल्कि किसानों के जीवन और भविष्य का प्रश्न है। जिस किसान की मेहनत पर प्रदेश की अन्न-व्यवस्था टिकी है, आज वही किसान असहाय खड़ा है।” उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र, जो पहले से ही सूखा, पलायन और आर्थिक पिछड़ेपन की मार झेल रहा है, वहाँ यह आपदा किसानों के जीवन में विनाश बनकर आई है। खेतों में पानी भर जाने से न सिर्फ धान बल्कि मसूर, चना और आलू जैसी आगामी फसलों की तैयारी भी रुक गई है। हजारों किसान अब बीज और खाद खरीदने की स्थिति में नहीं हैं। कई किसानों के घरों में अन्न का संकट गहराने लगा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमराने लगी है।

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