वाराणसी। बीएचयू के छात्रावासों में ओबीसी आरक्षण लागू न होने से बीएचयू (BHU) के छात्रों में आक्रोश है। छात्रों ने शनिवार को विश्वनाथ मंदिर से सिंहद्वार तक प्रतिशोध मार्च निकाला। वहीं धरना दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन पर उनका हक मारने का आरोप लगाया। छात्रों ने जल्द ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग की। चेताया कि यदि जायज मांग पर विचार नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे। छात्र-छात्राओं ने कहा कि बीएचयू प्रशासन पिछले कई सालों से ओबीसी फंड से छात्रावासों के लिए पैसे लेता है, लेकिन संवैधानिक आरक्षण लागू नहीं करता है। साल 2009 से 2013 के बीच में बीएचयू प्रशासन ने लगभग 450 करोड़ रुपये ओबीसी फंड से लिए हैं, जिसमे लगभग 170 करोड़ रुपयों से छात्रावासों में 4500से अधिक कमरे बने। ओबीसी आरक्षण के माध्यम से किसी भी छात्र छात्रा को हॉस्टलों में जगह नहीं मिली है। बीएचयू प्रशासन का रवैया संविधान विरोधी, सामाजिक न्याय विरोधी एवं आरक्षण विरोधी है, उसका हम विरोध करते हैं। छात्र छात्राओं ने नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। इस दौरान अंबेडकर, फूले, पेरियार, मंडल, फूलन,बिरसा, फातिमा जैसे सामाजिक न्याय के पुरोधाओ को याद करते हुए जोरदार नारेबाजी की। जुलूस लंका गेट पर पहुंचकर समाप्त हुआ। गेट पर पहुंचकर छात्रों ने गीत गाने की माध्यम से सरकार और बीएचयू प्रशासन का विरोध किया। सूचना के बाद एसीपी भेलूपुर प्रवीण सिंह, लंका थाना प्रभारी अश्वनी पांडेय मौके पहुंचे। छात्रों को समझाकर धरना समाप्त कराया।