वाराणसी। सावन के अंतिम सोमवार के दिन श्री काशी विश्वनाथ धाम में भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। लोगों ने लाइन में लगकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। मंदिर समेत आसपास का इलाका हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजता रहा। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।सावन के अंतिम सोमवार की वजह से भीड़ अधिक रही। रात से ही श्रद्धालु लाइन में लग गए। भोर में मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। यह क्रम देर रात तक चलेगा। बाबा रुद्राक्ष श्रृंगार के बाद दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उम्दा व्यवस्था की गई। मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। गुलाब की पंखुड़ियां बरसाई गईं। दूर-दूर से आए शिव भक्त भव्य स्वागत-सत्कार से आह्लादित नजर आए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी पंडित श्रीकांत महाराज ने कहा कि भगवान विश्वनाथ, जो अनंतानंत ब्रह्मांड के अधिपति हैं, उनकी रचाई-बसाई इस काशी नगरी में सोम प्रदोष, सावन के अंतिम सोमवार को लाखों श्रद्धालु आकर अपना मनोरथ पूर्ण कर रहे हैं। भगवान विश्वनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख-समृद्धि और श्रीवृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत के उत्कर्ष की भी प्रार्थना निवेदित करता हूं। कहा कि दो हजार स्क्वायर मीटर के दायरे में सिमटा मंदिर अब 52 हजार स्क्वायर मीटर के क्षेत्रफल में फैल गया है। यह आने वाले श्रद्धालुओं को परम आनंद की अनुभूति करा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्णिमा को लेकर कोई संशय नहीं है। जो भी कन्फ्यूजन है, वह काशी विद्वत परिषद की बैठक के बाद दूर हो जाएगा। परिषद जो निर्णय करेगी, वही सर्वमान्य होगा दिल्ली से आए हेमंत कुमार पाल ने कहा कि मंदिर प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है। बाबा के दर्शन के लिए रात से ही लाइन में लगे हैं। मन में यही कामना लेकर आए कि देश व दुनिया में शांति व भाईचारा बना रहे। बनारस आकर बहुत मजा आया। यहां बार-बार आना चाहेंगे शिवभक्तों पर हुई पुष्प वर्षा सावन के अंतिम सोमवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आए भक्तों पर शहर दक्षिणी विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा एवं अध्यक्ष प्रोफेसर नरेंद्र पांडेय ने पुष्प वर्षा किया। विधायक ने कहा कि शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया जा रहा है।