बांदा। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान ने आज शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में कढाई प्रतियोगिता का आयोजन प्रशिक्षण केन्द्र शिवाजी मार्ग, बबेरू में किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्या मन्दिर इन्टर कालेज बबेरू के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता राहूल एवं गणित के प्रवक्ता अजय सिंह रहे।
कार्यक्रम के शुभारम्भ में संस्थान के निदेशक मो0 सलीम अख्तर ने बताया कि भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति तथा दूसरे राष्ट्रपति के रूप में डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 05 सितम्बर 1888 को तमिलनाडु के तिरूट्टनी नामक ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम सर्वपल्ली वीरास्वामी तथा माता का नाम सिताम्मा था। सधारण परिवार में जन्मे राधाकृष्णन का बचपन तिरूतनी एवं तिरूपति जैसे धार्मिक स्थलो पर बीता। कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय कुमार पाण्डेय ने शिक्षक दिवस पर प्रकाश डालते हुये कहा कि गुरू शिक्षा कि परम्परा में माता पिता प्रथम शिक्षक है इसके पश्चात जीवन में शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों को आज के दिन आदर्श अध्यापक के रूप मे मनाया जाता हैं । कौशल प्रतियोगिता के बारे में बताते हुये कहा कि आज कढाई प्रतियोगिता होगी और उन्हे पुरूस्कृत भी किया जायेगा। मुख्य अतिथि अजय सिंह ने बताया कि राष्ट्रपति ने अपने जन्म दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय किया क्योकि वह अध्यापको एवं गुरूओं का बहुत सम्मान करते थे। वह शिक्षा के महत्व को जानते थे आज शिक्षा के क्षेत्र में लडके एवं लडकियां सभी विकास कर रही है। इसी क्रम में जन शिक्षण संस्थान के परिसर पर संचालित कम्प्यूटर आपरेटर कोर्स के प्रशिक्षणार्थियों ने अपने प्रशिक्षक कु0 पारूल सिंह का शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मान किया।
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी श्री सौम्य खरे ने कहा कि हम जिस उत्तम स्थान पर पहुचते है, वहा पहुचने में गुरू का स्थान सर्वाेपरि है उन्होने कहा कि महिलाओ को दोहरी जिम्मेदािरया निभाते हुए अपने पैरो पर खडे होने के लिए शिक्षा ग्रहण करते हुए आगे बढना चाहिए उन्होने बताया कि ये दिन देशभर के शिक्षकों को याद करने के लिए मनाया जाता ताकि शिक्षकों के योगदान को सम्मान मिल सके। लेखाकार लक्ष्मीकान्त दीक्षित ने कार्यक्रम की उपयोगिता एवं शिक्षा के महत्वो पर विचार व्यक्त करते हुये बताया जिस तरह एक पक्की नींव ही ठोस और मजबूत भवन का निर्माण करती है ठीक उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थी रूपी नींव को सुदृढ़ करके उस पर भविष्य में सफलता रूपी भवन खड़ा करने में सहायता करता है। एक शिक्षक ही है जो मनुष्य को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाता है और जीवन में सही और गलत को परखने का तरीका बताता है। अन्त में कार्यक्रम के अध्यक्ष राहुल जी द्वारा बताया गया कि शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 सितम्बर को मनाया जाता है सह शिक्षक गुरूओं का सम्मान तो है ही पर हमारे भूतपूर्व राष्ट्रपति डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म दिवस भी है शिक्षक दिवस शिक्षा धातु से बना है जिसका अर्थ सिखना है हमे गूरूओ का हमेशा सम्मान करना चाहिए। हम उनसे उरिण नही हो सकते है। अन्त में कढाई प्रतियेागिता हुई जिसमें भाग लेने वाली प्रतिभागियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया साथ ही संस्थान के निदेशक द्वारा उपस्थित अध्यापको को पेन एवं डायरी देकर सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में सहा कार्यक्रम अधिकारी मयंक सिह क्षेत्र सहा0 कु शिवांगी द्विवेदी परिचर मनोज, गौकरन सिंह, आरती सिंह, कु0 नीतू सहित 150 लोग उपस्थित रहे।