क्रासरःसीएमस को प्रसूता के प्रसव को लिखा डीएम ने
बांदा । जब प्रसव का समय का समय नजदीक आया और एक हफ्ते शेष रह गए तो आशा बहु और ए एन एम के हांथ पैर फूल गए तो तत्काल मेडिकल कालेज लेकर गए तो वहां के डॉक्टर ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया जिससे प्रसूता के पति ने कहा की जब हमारे पास जिला अस्पताल जाने के लिए तो पैसा नहीं है तो हम लोग कानपुर कैसे जाएंगे जिसके कारण मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने पुरुषोत्तम के घर वालों को और प्रसूता को जमकर लताड़ लगाई। मामला नरैनी तहसील के बहेरी सीएचसी के न्यू पीएससी बड़ोखर बुजुर्ग का है। जहां के रहने वाले बच्चा रैदास ने जिलाधिकारी के प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मेरी पत्नी ममता का इसी सप्ताह में प्रसव है जिस पर पत्नी का हीमोग्लोबिन चार पॉइंट है । लेकिन 5 दिन पूर्व मेरी पत्नी को तबियत अचानक बिगड़ी तो मै पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज गया जहां पर मालूम चला कि की पत्नी के चार पॉइंट हिमोग्लोबिन है जिसके कारण पत्नी का प्रसव होने पर काफी बड़ी समस्या है जिसको लेकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने प्रसूता पत्नी को कानपुर के लिए रेफर कर दिया और कहां यहां पर इसका इलाज नहीं हो सकता है लेकिन जब मैंने कहा कि साहब जब मेरे पास बांदा आने के लिए पैसे नहीं है तो मैं कानपुर लेकर कैसे जाऊंगा जिसके चलते डॉक्टर ने प्रसूता हुआ उसकी पति को दम से लाकर लगाते हुए मेडल कॉलेज से भगा दिया वही प्रसूता का शरीर खून की कमी होने के कारण बहुत ही फुला हुआ है जिस पर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा महिला जिला अस्पताल के सीएमएस को लिखित आदेश देते हुए कहा की तत्काल प्रसूता की जांच कर कार्रवाई करें जिससे प्रसूता की जान बच सके अजच्चा बच्चा दोनों सही सलामत हो सके लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि जब पैसे की कमी होने के कारण प्रसूता मेडिकल कॉलेज गई तो वहां डॉक्टर ने उनके साथ बर्ताव ऐसा क्यों किया जबकि सरकार द्वारा परसों के लिए जच्चा बच्चा सही सलामत के लिए मुफ्त में इलाज भी किया जा रहा है। प्रार्थना पत्र देने में गांव के देवी दिन वर्मा आशा बहू फुल प्रसूता ममता और उसका पति बच्चा मौजूद रहे।

 

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