गौवंश गौशालाओं से बाहर विचरण करते हुए न रहने पायेंः आयुक्त
क्रासरःगोवंश संरक्षण के संबंध में बैठक का आयोजन
फोटो नंबर-1
बांदा। आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बांदा बालकृष्ण त्रिपाठी एवं विशेष सचिव, दुग्ध विकास विभाग, राम सहाय यादव की उपस्थित में आयुक्त कार्यालय में गोवंश संरक्षण के सम्बन्ध में मण्डल के मुख्य विकास अधिकारियों, पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विशेष सचिव राम सहाय यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 01 नवम्बर से 31 दिसम्बर, 2023 तक निराश्रित गौवंशों को गौशालाओं में एकत्र कर संरक्षित करने का अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में कोई भी गौवंश गौशालाओं से बाहर विचरण करते हुए न रहने पाये। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य विकास अधिकारी व शहरी क्षेत्रों में नगरपालिका/नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाते हुए ब्लाक एवं तहसील स्तर पर विशेष दश्तों का गठन गौसंरक्षण हेतु किया गया है। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन अस्थायी गौशालाओं का निर्माण किया जा रहा है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा प्रत्येक गौशाला में गौवंशोें की देख-रेख हेतु दिन व रात मेें केयर टेकर अवश्य उपलब्ध रहें। उन्होंने गौशालाओं में समस्त आवश्यक व्यवस्थायें बिजली, पेयजल, भूसा, चारे आदि व्यवस्थाओं के साथ सर्दी से बचाव हेतु आवश्यक व्यवस्थायें की जायें। पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण कर गौवंशों की देखरेख एवं चिकित्सीय जांच की जाए। उन्होंने बताया कि गौ संरक्षण के कार्य में जिन कर्मियों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जायेगा, उन्हें शासन स्तर पर पुरस्कृत भी किया जायेगा। उन्होंने नगर पालिका एवं नगर पंचायतों उपलब्ध कैटल कैचर का समुचित उपयोग करते हुए विचरण करने वाले गौवंशो को संरक्षित करने तथा साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रखने के साथ फॉगिंग भी कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि तहसील एवं ब्लाक स्तर पर उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी भी गठित तहसील एवं ब्लाक स्तरीय विशेष दस्तों के द्वारा गौ संरक्षण के कार्यों की निगरानी करते हुए गौ संरक्षण के कार्यों को पूर्ण करायें।
बैठक में आयुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन के निर्देशानुसार मण्डल के सभी गौवंशों को गौशालाओं में एकत्र कर संरक्षित करने का कार्य प्रत्येक दशा में 15 दिसम्बर तक पूर्ण करें। इस कार्य को संवेदनशीलता केे साथ प्राथमिकता पर किया जाए तथा किसी प्रकार की कोताही न होने पाये। सभी गौशालाओं में केयर टेकर आवश्यक रूप से उपस्थित रहें। कोई भी गौवंश सड़कों/सार्वजनिक स्थलों में विचरण करते हुए न पाया जाए। सर्दी से बचाव हेतु तिरपाल एवं अन्य आवश्यक संसाधन की व्यवस्था अभी से कर ली जाए। गौवंशों के विचरण करने वाले हॉट स्पाटों को चिन्हित कर गौवंश संरक्षित किये जायेें। गौ संरक्षण के कार्यों में किसी प्रकार की कमी नही रहने पाये।बैठक के उपरान्त विशेष सचिव श्री यादव द्वारा अस्थायी गौशाला गुरेह का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में 540 गौवंश संरक्षित पाये गये तथा मौके पर उपस्थित केयर टेकर से उन्होंने जानकारी लेते हुए व्यवस्थायें देखीं जो कि ठीक पाई गई। निरीक्षण के दौरान केयर टेकर के निर्माणाधीन कमरे के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 राजेश कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त अनिल कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सहित मण्डल/जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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