बांदा। इलाज के रूपए न होने से मानसिक रूप से परेशान युवती ने कमरे के अंदर दुपटटा से फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। मौत की खबर मिलते ही घरवालो में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहंुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गिरवां थाना क्षेत्र के कांजीपुर गांव निवासी मैना देवी (18)पुत्री बच्चा निषाद ने शनिवार की शाम कमरे के अंदर बास की बल्ली में दुपटटा से फांसी लगाकर खुकदुशी कर लिया। काफी देर बाद मौके पर पहुंचे ममेंरे भाई गोरेलाल ने शव फंदे पर लटकता देखा तो खेत में काम कर रहे माता पिता को सूचना दी। मौत की खबर मिलते ही परिेजन घर पहुंच गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतका के पिता ने बताया कि वह मजदूरी करता है। मैना का मानसिक संतुलन ठीक नही था। इलाज के लिए रूपए नही थे। आठ बीघा जमीन थी। वह भी बंधक है। घटना के समय वह अपनी पत्नी के साथ खेत मेें काम करने चला गया। तभी सूना मौका पाकर उसने फंासी लगाकर खुदकुशी कर लिया। मानसिक रूप से परेशान युवती फांसी पर झूली
बांदा। इलाज के रूपए न होने से मानसिक रूप से परेशान युवती ने कमरे के अंदर दुपटटा से फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। मौत की खबर मिलते ही घरवालो में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मौके पर पहंुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गिरवां थाना क्षेत्र के कांजीपुर गांव निवासी मैना देवी (18)पुत्री बच्चा निषाद ने शनिवार की शाम कमरे के अंदर बास की बल्ली में दुपटटा से फांसी लगाकर खुकदुशी कर लिया। काफी देर बाद मौके पर पहुंचे ममेंरे भाई गोरेलाल ने शव फंदे पर लटकता देखा तो खेत में काम कर रहे माता पिता को सूचना दी। मौत की खबर मिलते ही परिेजन घर पहुंच गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतका के पिता ने बताया कि वह मजदूरी करता है। मैना का मानसिक संतुलन ठीक नही था। इलाज के लिए रूपए नही थे। आठ बीघा जमीन थी। वह भी बंधक है। घटना के समय वह अपनी पत्नी के साथ खेत मेें काम करने चला गया। तभी सूना मौका पाकर उसने फंासी लगाकर खुदकुशी कर लिया।