क्रासरःसंगीतमय रामकथा का पांचवा दिन
तिंदवारी (बांदा)। कस्बे के संकट मोचन आश्रम में प्रतिवर्ष की भांति महंत रामानंददास महाराज की प्रेरणा से तथा स्वामी उद्धव दास महाराज के सानिध्य में आयोजित संगीतमय राम कथा एवं संत सम्मेलन के पांचवे दिन रसिक श्रद्धालुजन उमड़ पड़े।
रविवार को सीमा देवी रामायणी ने राम कथा पर प्रवचन करते हुए लंका दहन लीला का जीवंत वर्णन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि हनुमान जी द्वारा अशोक वाटिका उजाड़ने की खबर सुनकर लंकापति रावण के द्वारा हनुमान जी का वध करने हेतु भेजे गए योद्धाओं को हनुमान जी ने मार डाला और कुछ को घायल कर दिया। यह सब सुनकर रावण क्रोधित हो उठा और अपने पुत्र अक्षय कुमार को भेजा किंतु हनुमान जी ने अक्षय कुमार को भी नहीं छोड़ा और उसका वध कर दिया। रावण अपने पुत्र के वध की सूचना पाकर और अधिक क्रोधित हो उठा और अपने दूसरे पुत्र इंद्रजीत को भेज कर हनुमान जी को जिंदा पकड़ कर सभा में लाने का आदेश दिया। वहां हनुमान जी और इंद्रजीत में घोर युद्ध हुआ लेकिन जब इंद्रजीत कुछ नहीं कर पाया और एक बार स्वयं बेहोश हो गया तो ब्रह्मस्त्र के माध्यम से हनुमान जी को नागपाश में बांधकर सभा में ले गया। वहां रावण और हनुमान जी के बीच संवाद हुआ। हनुमान जी के संवाद को सुनकर रावण क्रोधित हो गया और अपने योद्धाओं से हनुमान जी का वध करने का आदेश दिया तो विभीषण उन्हें रोकते हुए कहा कि दूत को सभा में मारना नियम विरुद्ध है। रावण द्वारा पूछने पर एक योद्धा ने कहा कि वानर को अपनी पूछ बहुत प्यारी होती है इसलिए इसकी पूंछ पर कपड़ा लपेटकर आग लगा दी जाय। रावण के आज्ञा पाकर हनुमान जी की पूंछ पर कपड़ा लपेटा जाने लगा लेकिन जितना कपड़ा लपेटते उतनी पूछ और भी बढ़ती जाती और अंत में हनुमान जी की पूंछ पर राज्य का सारा तेल और कपड़ा लग गया। हनुमान जी ने पूंछ में आग लगते ही एक महल से दूसरे महल कूदते हुए पूरी लंका में आग लगा दी। पूरा नगर राख हो गया फिर उन्होंने समुद्र में कूद कर अपनी पूछ की आग बुझाई।
इस अवसर पर चंद्रशेखर रामायणी, जगदीश त्रिवेदी रामायणी, रेखा रामायणी,सत्यनारायण मुरारी महाराज, भाजपा नेता आनंद स्वरूप द्विवेदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवधेश सिंह, आसाराम गुप्ता, अमन गुप्ता, भगवान दास, दीपू सोनी, संजय गुप्ता, भैया लाल यादव, प्रमोद सरदार, मोहन विश्वकर्मा, शिवम द्विवेदी, गोविंद तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रोताजन उपस्थित रहे।

 

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