बांदा। किसी भी देश के स्वस्थ्य नागरिक उस राष्ट्र की समृद्धि के आधार स्तम्भ होते है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के निरोधात्मक, उपचारात्मक एवं संवर्धनात्मक स्वास्थ्य सेवाओं का पर्याप्त रूप से विकास एवं आमजन में प्रचार कर के लोगों को स्वस्थ रखने के लिए अधिकाधिक सफलता प्राप्त की जा रही है। प्रदेश के मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल तक लाने हेतु 108 ईएमटीएस एम्बुलेंस सेवा आकस्मिक परिस्थितियों में रोगी को घटना स्थल से निकटवर्ती राजकीय चिकित्सा ईकाई तक पहुंचाये जाने हेतु यह निःशुल्क सेवा प्रदेश के हर जिले में संचालित है।
108 एम्बुलेंस सेवा कॉल सेण्टर पर आधारित एम्बुलेंस सेवा है. जिसमें किसी भी आमजन द्वारा टोल फ्री नम्बर 108 डायल करके आकस्मिक परिस्थितियों में एम्बुलेंस की मांग कर सकता है। 108 एम्बुलेंस सेवा प्रति दिन 24 घंटे 365 दिवस हेतु उपलब्ध रहती है। माह सितम्बर 2012 में प्रारम्भ की गयी 108 ई.एम.टी.एस एम्बुलेंस सेवा के प्रथम चरण में 108 एम्बुलेंस को शहरी क्षेत्र में 20 एवं ग्रामीण क्षेत्र में 30 मिनट में रोगी तक पहुंचने का प्राविधान किया गया था। जुलाई 2019 से प्रारम्भ हुए द्वितीय चरण हेतु निष्पादित अनुबंध में उक्त अवधि को शहरी तथा ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिये घटाकर रोगी तक 108 एम्बुलेंस को 15 मिनट में पहुंचाये जाने का प्राविधान कर दिया गया है।
इस अवधि में 108 एम्बुलेंस को रोगी तक पहुंचने की व्यवस्था को सुनिश्चित किये जाने हेतु 108 एम्बुलेंसों की फ्लीट को 1488 से बढ़ाकर 2200 कर दिया गया है। इस सेवा के द्वितीय चरण के संचालन के अन्तर्गत पूर्वी कलस्टर में 1517 एम्बुलेंसों एवं पश्चिमी कलस्टर में 683 एम्बुलेंसों का संचालन अनुबन्ध सेवा प्रदाता के माध्यम से मरिजों का इलाज कराया जा रहा है।108 एम्बुलेंस सेवा को अधिक सुलभ बनाये जाने के उद्देश्य से उपरोक्तानुसार एम्बुलेंसी की संख्या में वृद्धि के साथ ही प्रतिदिन प्रति एम्बुलेंस संचालित किये जाने वाले ट्रिप्स की संख्या में वृद्धि कर इसे 04 ट्रिप्स से बढ़ाकर 05 ट्रिप्स प्रतिदिन कर दिया गया है। 108 एम्बुलेंस सेवा के माह जनवरी, 2025 तक लाभान्वित कुल रोगियों की संख्या-3,51,96,532 है। 108 ई०एम०टी०एस० एम्बुलेंस सेवा में माह जनवरी, 2025 में एम्बुलेंसों का रिस्पान्स टाईम 07ः30 मिनट हो गया है।
प्रदेश के गम्भीर रोगियों की जीवनरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सुरक्षित परिवहन के लिए आधुनिक जीवनरक्षक प्रणाली से युक्त (एडवांस लाईफ सपोर्ट सिस्टम) 150 एम्बुलेंसी का संचालन दिनांक 13.04.2017 से प्रारम्भ किया गया था। इस सेवा की उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुये ए.एल.एस. एम्बुलेस सेवा में 100 अतिरिक्त एम्बुलेंसो को दिनांक 18.02.2019 से सम्मिलित किया गया है। प्रदेश में इस सेवा में वर्तमान में 250 ए.एल.एस. एम्बुलेंस संचालित है। ए०एल०एस० सेवा का संचालन मेडकेयर 365 मेडिकल सर्विसेज प्रा०लि० के माध्यम से किया जा रहा है। परियोजना की अवधि 05 वर्ष की है। जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी/मुख्य चिकित्सा अधीक्षक/नामित अधिकारी के काल के आधार पर कन्ट्रोल रूम से मरीजों को एम्बुलेंस उपलब्ध करायी जाती है।
108 पर प्राप्त होने वाली सामान्य जनता की कालों हेतु आवश्यकतानुसार एएलएस एम्बुलेन्स उपलब्ध करायी जाती है। इमरजेंसी काल सेंटर (ईआरसी) पर सूचना प्राप्त होने पर गम्भीर रोगियों को एम्बुलेंस में एडवांस उपचार के साथ-साथ उच्च स्तरीय इकाई पर पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। दिल्ली और चण्डीगढ़ से 200 किलोमीटर के अन्दर से आने वाले जनपदों के मरीजों को दिल्ली और चण्डीगढ़ के चिकित्सालयों में ही भेजा जा सकता है। एम्बुलेंस में एडवांस उपकरण जैसे कि वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर फीटल डाप्लर आदि उपचार हेतु औषधियां, उपचार से सम्बन्धित मेडिकल कन्ज्यूमेबल्स तथा एक प्रशिक्षित एडवांस इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की व्यवस्था की गयी है। यह सेवा प्रदेश की जनता को निःशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है। ए.एल.एस. एम्बुलेंस सेवा द्वारा माह अप्रैल 2017 से माह जनवरी, 2025 तक 4,13,695 रोगियों को सेवा प्रदान की गयी है।
प्रदेश सरकार ने प्रदेश के दूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रोगियों को चिकित्सा सेवायें उनके द्वार पर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा का शुभारम्भ 18 फरवरी 19 से किया है। इस सेवा के अन्तर्गत मोबाईल मेडिकल यूनिट सचल चिकित्सालय की भँाति कार्य करती है तथा सम्बन्धित जनपद के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों जहां पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधायें नहीं है, वहां पहुंचती है एवं स्थानीय ग्रामीण जनता को चिकित्सीय जांच एवं प्राथमिक उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराती है। वर्तमान में प्रदेश के 54 जनपदों में 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट का संचालन किया जा रहा है। नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा के अन्तर्गत प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में एक डाक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स एवं एक लैब टेक्निशियन उपलब्ध रहता है। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस यूनिट से रोगियों के उपचार हेतु प्रत्येक मोबाईल मेडिकल यूनिट में 143 प्रकार की औषधियां एवं जांच हेतु ई०सी०जी०, सेमीआटोएनालाइजर, ग्लूकोमीटर, माइक्रोस्कोप एवं ऑप्थेलमोस्कोप की सुविधा उपलब्ध है। मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में माह फरवरी 2019 से जनवरी, 2025 तक कुल 1,58,20,847 रोगियों को उपचारित किया गया है।