बांदा। इन दिनों शिक्षा विभाग में बहुत जोर-शोर से चर्चा हो रही है कि खंड शिक्षा अधिकारी बड़ोखर खुर्द विद्यालयों के औचक निरीक्षण पर निकले। इससे पहले कि अधिकारी विद्यालयों में अनुपस्थित अध्यापकों को चेक कर पाते उनके निरीक्षण की सूचना वाट्सएप में वायरल हो गई। उनके निरीक्षण की सूचना वायरल करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय इटवां के  प्रधानाध्यापक को पकड़ भी लिया। सूत्रों की माने तो अधिकारी ने मौके पर ही शिक्षक को डांट फटकार लगाई और शिक्षक द्वारा की जा रही मिड डे मील से लेकर न जाने कितनी अनियमितताओं को लेकर नोटिस भी जारी कर दी। जब पूरे मामले की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी किशन कुमार से जब जानकारी प्राप्त की गई तो उन्होंने भी बताया कि उनकी लोकेशन दी जा रही थी। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रयासरत एवं विभिन्न प्रकार से सम्मानित हो चुके रिटायरमेंट के करीब वरिष्ठ लोगों की माने तो नोटिस, डांट फटकार आदि प्रक्रियाओं से कोई विशेष सुधार होने वाला नहीं है क्योंकि यह सब नोटिसों के जवाब फाइलों में लाल हरे कागजों के साथ सजाकर अधिकारी के सामने प्रस्तुत कर दिए जाते हैं नतीजा वही निकलता है कि कुछ दिनों के हो हल्ले के बाद सब शांत हो जाता है और रात गई बात गई के बाद अगले दिन से वही प्रक्रिया फिर चालू हो जाती है। अब देखना यह है कि इस तरह की बड़ी अनियमितता वाला प्रकरण भी आम नोटिसों की तरह दबाकर कूड़े के ढ़ेर में फेंक दिया जाता है या फिर अधिकारी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए गंभीरता के साथ अपने लाल कलम का प्रयोग अनियमितता करने वाले प्रधानाध्यापक के ऊपर करते हैं कि नहीं। रिपोर्ट बनाकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी।

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