वाराणसी। अध्यक्ष राजस्व परिषद संजीव मित्तल ने सोमवार को वाराणसी मंडल के राजस्व कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान 11 हजार से अधिक राजस्व कार्यों के पेंडिंग होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसमें तेजी लाते हुए जल्द से जल्द मामलों के निस्तारण का निर्देश दिया अध्यक्ष ने अंश निर्धारण तथा वरासत की तहसीलवार समीक्षा की। घरौनी में हुए कार्यों को लेकर प्रसन्नता जाहिर की गयी। अंश निर्धारण को वर्तमान के 50-60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80-85 प्रतिशत तक ले जाया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम तथा तहसीलदार से संबंधित तहसील में किये गये अंश निर्धारण की बारीकी से जानकारी ली तथा उनसे अंश निर्धारण में आने वाली दिक्कतों व अंश निर्धारण को बढ़ाने में उनके सुझाव भी जाना। उन्होंने सभी को पूरे फोकस से काम करने तथा मैनपावर, कंप्युटर सभी संसाधनों का पूरा प्रयोग करके काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां भी विवाद न हो, वहां कार्यों में तेजी लाएं। घरौनी को लेकर उन्होंने अपर आयुक्त प्रशासन को निगरानी करने तथा सर्वे आफ इंडिया से बात करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। अध्यक्ष द्वारा 11000 से ज्यादे पेंडिंग राजस्व केसों पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अपर आयुक्त प्रशासन को नियमित समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने को कहा गया कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र में शहरीकरण के चलते कई गावों को शहरी सीमा में शामिल किया गया है। कुल 88 नए गावों को वाराणसी शहर में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि एक खाते में कई सब खातेदार होने से अंश निर्धारण में दिक्कतें आ रहीं हैं, जिनको लेखपाल लगाकर गांव वार अलग-अलग किया जा रहा है। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने अध्यक्ष के समक्ष बड़ागांव ब्लॉक में अंश निर्धारण में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए उसमें आने वाली रुकावटों को अध्यक्ष के समक्ष रखा गया। उन्होंने 1138 गांवों में खतौनी को लेकर हुए सर्वे के बारे में भी बताया। उनके डिजिटाईजेशन को बताते हुए उन्होंने 199 गावों में हुए सर्वे में आयी दिक्कतों को भी बताया गया। मीटिंग में जिलाधिकारी गाजीपुर आर्यका अखौरी, जिलाधिकारी जौनपुर अनुज कुमार झा तथा जिलाधिकारी चंदौली निखिल टी फुंडे ने भी अपने जिले में राजस्व कार्यों, घरौनी तथा अंश निर्धारण में किये गये कार्यों की विधिवत जानकारी अध्यक्ष के समक्ष रखी।