आईएआरआई के निदेशक होंगे मुख्य अतिथि
– 16 अक्टूबर 2025 को होगा दीक्षांत समारोह
बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह गुरुवार 16 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश की राज्यपाल कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी, जबकि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक व कुलपति अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मृदा वैज्ञानिक डा.चेरूकुमल्ली श्रीनिवास राव शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह में कृषि, उद्यान, वानिकी और सामाजिक विज्ञान महाविद्यालयों के 240 छात्र-छात्राओं को स्नातक, 87 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 15 पीएचडी शोधार्थी छात्रों को उपाधियां वितरित की जाएंगी। समारोह में सात छात्राओं समेत 19 विद्यार्थियों को मेडल और बीएससी ऑनर्स कृषि के अंश सक्सेना को चांसलर गोल्ड मेडल से नवाजा जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एसवीएस राजू ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां साझा करते हुए पत्रकारों को तमाम आवश्यक जानकारियां दीं।
मंगलवार को विश्वविद्यालय के बोर्ड हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते कुलपति प्रो.एसवीएस राजू ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव के तहत विभिन्न सांस्कृतिक व खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन 7 से 14 अक्टूबर तक किया गया। वहीं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशन पर विश्वविद्यालय में कक्षा 3 से 12 तक के छात्र-छात्राओं के बीच कहानी कथन, चित्रकला, भाषण व देशभक्ति गीत गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जिनमें दुरेड़ी, खप्टिहाकलां, मवई, चहितारा व अछरौंड़ गांव के बच्चों ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन बच्चों को राज्यपाल के हाथों सम्मानित किया जाएगा। वहीं राज्यपाल श्रीमती पटेल हमीरपुर जिले के एक सैकड़ा आंगनवाड़ी केंद्रों आंगनवाड़ी किट वितरित की जाएगी, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का बखान करते हुए कुलपति श्री राजू ने बताया राजभवन के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने पहली पर नैक मूल्यांकन में प्रतिभाग किया और ए ग्रेड हासिल करके अपनी उत्कृष्टता को साबित किया है। बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में 33 सक्रिय अनुसंधान परियोजनाएं संचालित हैं, जबकि 57 शोध परियोजनाएं विभिन्न वित्त पोषक एजेंसियों में लंबित हैं। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अलसी, तिल, तोरई की नई प्रजातियां विकसित की हैं और प्राकृतिक खेती के उन्नयन के लिए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत चार प्रदर्शन इकाइयां स्थापित हैं। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव एसके सिंह, जन संपर्क अधिकारी धीरज मिश्रा मौजूद रहे।
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सिक्योरिटी कोड से लैस होंगी सिंथेटिक कागज में तैयार उपाधियां
बांदा। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.एसके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्रों को दी जाने वाली उपाधियों को डिजिटल व आकर्षक बनाने के साथ ही स्थायी बनाने का प्रयास किया गया है। बताया कि इस वर्ष मिलने वाली उपाधियां सिंथेटिक कागज पर मुद्रित होंगी, जिन्हें फाड़ा या नष्ट नहीं किया जा सकता और यह पानी और तेल के प्रति पूरी तरह से प्रतिरोधी होंगी। साथ ही उपाधियों को सिक्योरिटी कोड से लैस करते हुए डिजी लॉकर में में सुरक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के स्तर पर संचालित बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत विभिन्न फसलों के 2363 कुंतल प्रमाणित बीज उत्पादन किया गया। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र हमीरपुर को राज्य स्तर के सर्वश्रेष्ठ केवीके सम्मान के साथ ही एक वैज्ञानिक को मुख्यमंत्री सम्मान व पांच शिक्षकों को राज्यस्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया है।