तीन किसानों की मौत, आमरण अनशन पर बैठे किसान
पैलानी/बांदा।जिले की पैलानी तहसील के ग्राम अलोना सहित आसपास के गांवों में अन्ना गोवंश की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। खेतों में घूम रहे बेसहारा गोवंश के कारण करीब 3000 बीघा कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। फसल की रखवाली कर रहे किसानों पर गोवंश के हमलों में अब तक तीन किसानों की मौत हो चुकी है, जबकि कई किसान घायल हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या वर्ष 2006 से लगातार बनी हुई है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। किसान जब भी फसल बोते हैं, अन्ना गोवंश पूरी मेहनत को चौपट कर देता है। हालात यह हैं कि किसान अपनी जान जोखिम में डालकर रात-रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। गोवंश के हमलों में भोला प्रजापति, सत्यगोपाल प्रजापति और अनूप सिंह (पुत्र बंशीलाल) की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं से गांवों में दहशत का माहौल है। फसलें नष्ट होने और रोज़गार खत्म होने से कई परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि अनेक किसान गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि अन्ना गोवंश को गौशालाओं में संरक्षित करने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन संसाधनों और धनाभाव के कारण सभी प्रयास विफल रहे। किसानों ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। तहसील परिसर में किसानों का धरना, सौंपा ज्ञापन
प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित किसानों ने 1 फरवरी से ग्राम अलोना में धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू किया था। शनिवार को किसानों ने तहसील पैलानी परिसर में धरना देकर अपनी मांगें उठाईं। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के बाँदा जिला महासचिव मनोज द्विवेदी के नेतृत्व में किसानों ने उप जिलाधिकारी पैलानी अंकित वर्मा, खंड विकास अधिकारी धनराज कोटार्य (जसपुरा), तहसीलदार राधेश्याम, सीओ सदर राजवीर सिंह रजावत, सहायक विकास अधिकारी प्रदीप राणा (तिंदवारी) एवं नायब तहसीलदार वेद प्रकाश को ज्ञापन सौंपा। मौके पर वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा ने किसानों को अन्ना गोवंश की समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पैलानी/बांदा।जिले की पैलानी तहसील के ग्राम अलोना सहित आसपास के गांवों में अन्ना गोवंश की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। खेतों में घूम रहे बेसहारा गोवंश के कारण करीब 3000 बीघा कृषि भूमि बंजर हो चुकी है। फसल की रखवाली कर रहे किसानों पर गोवंश के हमलों में अब तक तीन किसानों की मौत हो चुकी है, जबकि कई किसान घायल हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या वर्ष 2006 से लगातार बनी हुई है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। किसान जब भी फसल बोते हैं, अन्ना गोवंश पूरी मेहनत को चौपट कर देता है। हालात यह हैं कि किसान अपनी जान जोखिम में डालकर रात-रात भर खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। गोवंश के हमलों में भोला प्रजापति, सत्यगोपाल प्रजापति और अनूप सिंह (पुत्र बंशीलाल) की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं से गांवों में दहशत का माहौल है। फसलें नष्ट होने और रोज़गार खत्म होने से कई परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि अनेक किसान गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि अन्ना गोवंश को गौशालाओं में संरक्षित करने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन संसाधनों और धनाभाव के कारण सभी प्रयास विफल रहे। किसानों ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। तहसील परिसर में किसानों का धरना, सौंपा ज्ञापन
प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित किसानों ने 1 फरवरी से ग्राम अलोना में धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू किया था। शनिवार को किसानों ने तहसील पैलानी परिसर में धरना देकर अपनी मांगें उठाईं। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के बाँदा जिला महासचिव मनोज द्विवेदी के नेतृत्व में किसानों ने उप जिलाधिकारी पैलानी अंकित वर्मा, खंड विकास अधिकारी धनराज कोटार्य (जसपुरा), तहसीलदार राधेश्याम, सीओ सदर राजवीर सिंह रजावत, सहायक विकास अधिकारी प्रदीप राणा (तिंदवारी) एवं नायब तहसीलदार वेद प्रकाश को ज्ञापन सौंपा। मौके पर वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी अंकित वर्मा ने किसानों को अन्ना गोवंश की समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।