बांदा। जसपुरा ब्लाक के इछावर और लसड़ा गांव में यमुना नदी किनारे कटान रोकने के लिए कराई गई पिचिंग पहली ही बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई।इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई,जिसके कारण पत्थर बह गए और कई स्थानों पर कटान फिर तेज हो गई है।ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले सिंचाई विभाग की ओर से गांव को कटान से बचाने के लिए पिचिंग का कार्य कराया गया था।लोगों को उम्मीद थी कि इससे उनके घर और खेत सुरक्षित रहेंगे,लेकिन पहली ही बाढ़ में पिचिंग उखड़ने लगी।कई स्थानों पर पत्थर धंस गए और नदी में बह गए।ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी।उस समय अधिकारियों ने निरीक्षण कर कार्य में सुधार कराने का आश्वासन दिया था,लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।समाजवादी पार्टी नेता पुष्पेंद्र सिंह चुनाले ने आरोप लगाया कि पिचिंग निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया।उन्होंने कहा कि मसाले की जगह मिट्टी का उपयोग किया गया और पत्थरों को सही तरीके से नहीं लगाया गया,जिसके कारण कार्य टिक नहीं सका।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।उनका कहना है कि यदि समय रहते दोबारा मजबूत पिचिंग नहीं कराई गई तो आगामी बरसात में गांव को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।