वाराणसी। कोर्ट कमिश्नर के सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर मानकर पूजा करने के मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने 22 अगस्त की तिथि निर्धारित की है। मामला सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में विचाराधीन है।

प्रतापगढ़ पट्टी निवासी शैलेंद्र योगीराज के अधिवक्ता डा. एसके द्विवेदी ने आदि विश्वेश्वर की तरफ से दलीलें रखीं। उन्होंने बताया कि कोर्ट कमिश्नर के सर्वे के दौरान शिवलिंग जैसी आकृति मिली थी। उसके पूजा-पाठ के लिए अनुरोध किया। वहीं अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने मामले कोर्ट में लंबित होने की वजह से पूजा-पाठ की अनुमति न देने की मांग की। मामले में पक्षकार बनाए गए यूपी सरकार जरिये डीएम व पुलिस आयुक्त की तरफ से आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया है। मसाजिद कमेटी ने भी आपत्ति के लिए समय मांगा है। इस पर कोर्ट ने अगली तिथि 22 अगस्त तय कर दी है। इसके अलावा आदि विश्वेशवर विराजमान की ओर से हिंदू सेना के विष्णु गुप्ता और अजीत सिंह की तरफ से ज्ञानवापी में आदि विश्वेश्वर की पूजा की अनुमति संबंधी वाद की सुनवाई 23 अगस्त को होगी।

स्वतंत्रता दिवस पर नहीं हुआ ज्ञानवापी का एएसआई सर्वे

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से चल रहा ज्ञानवापी का एएसआई सर्वे स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंगलवार को बंद रहा। फोर्स के डिप्लायमेंट के मद्देनजर सर्वे एक दिन के लिए बंद कर दिया गया। इससे पहले सोमवार को एएसआई टीम ने सर्वे किया। हालांकि अधिमास के अंतिम सोमवार के चलते सर्वे साढ़े दस बजे से शुरू हो सका। श्रद्धालुओं की भीड़ की वजह से देर से सर्वे शुरू हुआ।

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