क्रासरःदिन-रात भारी भरकम मशीने चीर रही हैं केन का सीना
क्रासरःरोजाना सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों से होता है बालू का परिवहन
बांदा। बांदा जनपद में वर्षाकाल खत्म होते ही खनन माफियाओं की जमात फिर से सक्रिय हो चुकी है। कनवारा खण्ड पांच की खदान इस बात का जीता जागता उदाहरण है। जहां पर दिन रात बिना किसी भय के भारी भरकम मशीनों से रोजाना नदी की जलधारा को रोककर अवैध खनन का कार्य किया जाता है। इतना ही नहीं इस खदान से ही रोजाना सैकड़ों ओवरलोड ट्रकों का परिवहन भी होता है। मण्डल मुख्यालय से चंद किमी की दूरी पर स्थित इस खदान पर किसी की नजर नही पड़ रही है। या यों कहें कि जिम्मेदार अधिकारियों का खदान संचालन को पूरा संरक्षण प्राप्त है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी।
इतना ही नहीं खनन कारोबारियों ने ट्रकों के लिए रास्ता बनाने लिए जीवन दायिनी केद नदी को ही बंधक बना लिया है। नदी की जलधारा को रोकने के लिए केन नदी के सीने को कनवारा खण्ड पांच के खनन माफिया ने बकायदा रोक रखा है। कनवारा खण्ड पांच की खदान में खनिज अधिकारी की शह पर खनन कारोबारी मनमानी पर उतारू हैं। इस खदान मंे एनजीटी के निर्देशों को धता बताते हुए जमकर अवैध खनन किया जा रहा है। इतना ही नहीं रोजाना सैकड़ों की संख्या में इस खदान से ओवरलोड ट्रक लगभग एक पखवारे से फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि अपने कर्मचारियों के साथ क्रिकेट खेलने में मस्त रहने वाले खनन अधिकारी कब तक इस खदान को संरक्षण देते हैं।
इनसेट-
किसान की जमीन पर बालू कारोबारी ने किया कब्जा
बंादा। कनावारा खण्ड पांच का कथित खनन कारोबारी ग्रामीणों की भी नहीं बख्स रहा है। उनकी जमीन को कब्जाने के बाद वहां से भी अवैध खनन कार्य कर रहे हैं। पीड़ित ने जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है। डीएम को दिये ज्ञापन में ग्राम कनवारा निवासी रामदास पुत्र गोपीराम ने बताया है कि कनवार खण्ड पांच का ठेकेदार उसकी जमीन पर बजरन बिना किसी एग्रीमंेट के रास्ता बनाने पर अमादा है। जबरन उसको डरा-धमका कर हस्ताक्षर करा लिये हैं। पीड़ित ने डीएम से कार्यवाह की मांग की है।

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