किशोर न्याय बोर्ड ने सुनाया फैसला
दस हजार का अर्थदण्ड भी लगाया
बांदा। 21 साल पहले एक महिला के साथ बाल अपचारी ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार करके न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। जिस पर 21 साल बाद किशोर न्याय बोर्ड ने बाल अपचारी को घटना का दोषी माना और उसे 2 वर्ष कठोर कारावास व 10 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है।
जिले के कालिंजर थाना क्षेत्र के एक गांव में ग्राम रिंगोली थाना कालिंजर निवासी किशोर ने 10 अप्रैल 2002 को एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इस सिलसिले में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर पुलिस ने घटना वाले दिन ही बाल अपचारी को गिरफ्तार कर लिया था और 12 मई 2002 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
लेकिन किशोर किशोर न्याय बोर्ड में यह मामला लंबे समय तक लंबित रहा। अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित करके पुलिस ने साक्षियों का साक्ष्य करा कर प्रभावी पैरवी की। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के फल स्वरुप किशोर न्याय बोर्ड ने आरोपी बाल अपचारी को इस मामले में दोषी पाया। जिसे न्यायालय ने दो वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार के अर्थ दंड से दंडित किया।

 

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