वाराणसी। राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ को ध्वस्त किया जा रहा है। बुलडोजर लगाकर कई बिल्डिग ध्वस्त कर दी गई। कार्रवाई अभी जारी है। इस दौरान विरोध करने वाले संघ के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया। लोगों ने कहा कि सरकार इतिहास को मिटा रही है। प्रशासन मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रहा है। इसके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा राजघाट में आठ एकड़ से अधिक परिक्षेत्र में सर्व सेवा संघ परिसर मौजूद है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लोकनायक जयप्रकाश नारायण व आचार्य विनोवा भावे का यहां से जुड़ाव रहा। परिसर में काफी संख्या में लोग रहते थे। शनिवार की सुबह पुलिस पहुंची। इसके कुछ देर बाद अधिकारी पहुंचे। पुलिस, प्रशासनिक व रेलवे के अधिकारी बुलडोजर के साथ परिसर में दाखिल हुए और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। भवन को बचाने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, किसान नेता राकेश टिकैत समेत अन्य नेताओं ने आवाज उठाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद रेलवे भवन के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा है जनता के बीच जाएंगे सर्व सेवा संघ के कार्यकर्ता रामधीरज ने कहा कि जिस भवन में जयप्रकाश नारायण व विनोवा भावे रहे, उसे सरकार गिरा रही है। देश के इतिहास को मिटा रही है। सबसे पहले उस जगह को तोड़ा जहां नारायण देशाई रहते थे। नारायण देशाई गांधी जी के प्राइवेट सेक्रेटरी महादेव देशाई के पुत्र थे। बताया कि पहले 13 एकड़ जमीन ली गई थी, इस समय 18-20 बिल्डिगें हैं, जिन्हें प्रशासन तोड़ रहा है। बताया कि 11 तारीख को जयप्रकाश की जयंती पर देश से एक लाख लोग जुटने वाले थे। उससे पहले ही सरकार इस भवन को नेस्तनाबूत कर देना चाहती है। सरकार चाहती है कि लोगों के अंदर प्रेरणा न जगे, लोग सिर्फ आपस में लड़ते रहें। रंजू सिंह ने कहा कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। सरकार इस तरह का काम करेगी ऐसी उम्मीद नहीं थी। यह कोई साधारण स्थान नहीं। यहां से पूरी दुनिया में शांति व अमन का पैगाम जाता था।

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