शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्मार्टम के लिए भेजा
बांदा। कर्ज और दिव्यांगता से लाचार युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाली क्षेत्र के कुइयाकगर गांव निवासी गोपालदास 35 वर्ष पुत्र रामजी कोरी शुक्रवार की सुबह बड़ी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकला तब परिजनों ने दरवाजा खटखटा कर खुलवाने का प्रयास किया।अंदर से कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।कोतवाली के उपनिरीक्षक कमल सिंह ने बताया कि दरवाजे की कोढ़ी तोड़कर अंदर दाखिल हुए हैं यहा गोपालदास ने चारपाई की अदवायन से फांसी का फंदा लगाकर फांसी पर लटका मिला है।बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला लगता है।मृतक के छोटे भाई राजेश कुमार ने बताया कि उसका भाई परदेश में मजदूरी करता था।दो साल पहले अचानक इसकी आंखों की रोशनी चली गई थी जिससे यह वापस घर लौट आया था।बताया कि इलाज के बाद थोड़ा दिखने लगा था।अविवाहित होने के कारण घर के एक अलग कमरे में रहता था।बताया कि बेरोजगार होने के कारण और इलाज के लिए गांव के कई लोगों से कर्ज ले रखा था।