मोदी सरकार की फैसले की सराहना की
बांदा। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रमुख व्यापारी नेता मयंक गुप्ता सर्राफ नें केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वर्षों से लंबित बकाया प्रत्यक्ष कर मांगों को वापस लेने का फैसला किया है। वर्ष 1962 से जितने पुराने करों से जुड़े विवादित मामले चले आ रहे हैं उसके साथ वर्ष 2009-10 तक लंबित रहे प्रत्यक्ष कर मांगों से जुड़े 25 हजार रुपये तक के विवादित मामलों को वापस लिया जाएगा। इसी तरह 2010-11 से 2014-15 के बीच लंबित रहे प्रत्यक्ष कर मांगों से जुड़े 10 हजार रुपये तक के मामलों को वापस लिया जाएगा। इससे कम से कम 1 करोड़ व्यापारियों को फायदा होगा। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के साथ-साथ इंपोर्ट ड्यूटी के लिए भी समान दरों को बरकरार रखा गया है। स्टार्टअप्स और सावरेन वेल्थ व पेंशन फंड्स में निवेश करने वालों को टैक्स सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। यहाँ पर यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व की सरकारों में व्यापारियों को आयकर रिफंड मिलनें में सालों लग जाते थे परंतु अब मात्र 10 दिनों में रिफंड मिलनें लगा है। कुल मिलाकर यह बजट व्यापारियों के लिए यह बजट बेहद आशाजनक एवं राहत भरा है।

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