वाराणसी। काशी की आध्यात्मिक परंपरा को और समृद्ध करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित गंगा आरती का शुभारंभ गुरुवार से ललिता घाट पर किया जाएगा। प्रतिदिन शाम 6 बजे होने वाली इस आरती को लेकर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

ललिता घाट पर भव्य तैयारियां, सजा पूरा तट

गंगा तट पर स्थित ललिता घाट को इस आयोजन के लिए आकर्षक ढंग से सजाया गया है। घाट पर रोशनी, सजावट और पूजा की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जिससे यहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है।

श्रद्धालुओं में उत्साह, बताया दिव्य अनुभव गंगा आरती को लेकर श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह देखने को मिल रहा है। कई भक्तों का कहना है कि गंगा आरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, दीपों की रोशनी और गंगा की लहरों के बीच का दृश्य जीवन का अविस्मरणीय अनुभव होता है, जो आत्मिक शांति प्रदान करता है।

सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम मंदिर न्यास के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। घाट पर इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि दर्शन के दौरान किसी को असुविधा न हो और कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।

न्यास की अपील—अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखें

न्यास प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आरती के दौरान अनुशासन बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही स्वच्छता और सुरक्षा को लेकर भी सजग रहें, ताकि यह पावन आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो सके।

आस्था के साथ पर्यटन का भी केंद्र गौरतलब है कि वाराणसी की गंगा आरती न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। ललिता घाट पर शुरू हो रही यह नई आरती काशी की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूत करेगी।यह पहल काशी की प्राचीन परंपराओं को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को एक और दिव्य स्थल प्रदान करेगी।

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