क्रासरःहादसे में बाल-बाल बचे लोग
बांदा। दबंगों ने झोपड़ी में आग लगा दी। आग की लपटे देख आसपास के लोग दौड़ पड़े। किसी तरह झोपड़ी में सो रहे बच्चे और परिजनों को बाहर निकाला। कड़ी मशक्कत के बाद जब तक आग बुझाई, तब तक सारा सामान जलकर खाक हो गया। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
कमासिन थाना क्षेत्र के खमरखा गांव निवासी रामकली पत्नी रामप्रकाश झोपड़ी बनाकर रहती है। वहीं पर परचून की दुकान किए हुए है। सोमवार की भोर करीब ढाई बजे गांव के ही एक दबंग ने झोपड़ी में आग लगा दी। झोपड़ी और गुमटी धू-धूकर जलने लगी। आग की लपटें देख आसपास के लोग दौड़ पड़े। किसी तरह झोपड़ी में सो रही रामकली उसके बच्चे और अन्य रिश्तेदारों को बाहर निकाला। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। रामकली ने बताया कि गांव का ही दबंग उससे जबरदस्ती उधार पांच हजार रुपए का सामान ले चुका है। उसने उधारी देने से मना कर दिया था। इससे उक्त व्यक्ति नाराज हो गया और उसने आग लगाकर जिंदा मारने का प्रयास किया। घटना की तहरीर कमासिन थाने में दी गई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनीं और गाली-गलौज करके भगा दिया। सोमवार को वह पुलिस अधीक्षक से मिली। पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।