वाराणसी। महान शिक्षाविद्, स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की दूरदर्शी सोच का साकार रूप है काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, जिसकी स्थापना के उद्देश्यों में से एक है विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास। महामना की दृष्टि के अनुरूप बीएचयू निरन्तर उन मूल उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु आगे बढ़ रहा है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम उठाते हुए विश्वविद्यालय एक और नई पहल कर रहा है, जिसका नाम है छात्रावास काउंसिलिंग आउटरीच कार्यक्रम। स्टूडेंट वेलनेस प्रकोष्ठ द्वारा आरंभ यह कार्यक्रम छात्र अधिष्ठाता प्रो. अनुपम कुमार नेमा के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है कार्यक्रम के तहत छात्रावासों में विभिन्न विषयों जैसे मानसिक स्वास्थ्य, सेल्फ केयर, परीक्षा के तनाव से निपटने जैसे विषयों पर परामर्श सत्र व गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की शुरुआत में व्यक्तिगत परामर्श सत्र आयोजित किये जाएंगे, जिसके बाद आवश्यकता के अनुसार सामूहिक परामर्श सत्रों व गतिविधियों का आयोजन होगा। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए परामर्श की सुविधाओं का दायरा बढ़ाने के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन के सुझाव पर यह कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है विश्वविद्यालय के छात्र परामर्शदाता नित्यानंद तिवारी तथा विद्यार्थी मामलों के सलाहकार कमाण्डर (सेवानिवृत्त) एस. सान्याल कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों की अगुवाई करेंगे। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में कुल 79 छात्रावास हैं, जिनमें 16000 से अधिक छात्र और छात्रा रहते हैं। इस कार्यक्रम के तहत इन सभी छात्रावासों को 28 वर्गों में इस तरह बांटा गया है कि हर महीने सभी में परामर्श गतिविधियां की जा सकें और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने कहा है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शारीरिक, पेशेवर, भावनात्मक तथा मानसिक विकास के लिए पर्याप्त अवसर व स्थितियां उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की ज़िम्मेदारी है। इसकी क्रम में बीएचयू ने विभिन्न विद्यार्थी कल्याण पहल तथा विद्यार्थी नेतृत्व कौशल पहल आरंभ की हैं। छात्रावास काउंसिलिंग आउटरीच कार्यक्रम इसी कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम है।