अतर्रा/बांदा। सोमवार 8 से 12 जनवरी 2024 तक आयोजित होने वाले एक सप्ताह के वर्चुअल रियलिटी (वीआर)आधारित वर्चुअल लैब्स डेवलपमेंट पर संकाय विकास कार्यक्रम का उद्घाटन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत माता सरस्वती की आराधना तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुई।निदेशक प्रोफेसर एस.पी शुक्ला ने शिक्षा में वीआर तकनीक और वर्चुअल लैब्स के महत्व पर जोर देते हुए सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया।निदेशक महोदय ने बताया कि राजकीय इंजीनियरिंग कालेज बांदा ने प्रदेश के सभी राजकीय कालेजों में सबसे पहले वर्चुअल लैब बनाकर आईआईटी मुंबई की वेबसाइट पर प्रदर्शित की। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा को राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा के छात्रों को आईआईटी कानपुर की तरफ से वर्चुअल लैब के विकास के लिए इंटर्नशिप के साथ-साथ छात्रवृत्ति भी मिली।प्रोफेसर कांतेश बलानी (डीन रिसोर्स) एलुमनी पीआई वर्चुअल लैब्स, आईआईटी कानपुर ने भी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज बांदा के वर्चुअल लैब के विकास के दिशा में किए जा रहे कार्यों को आपने वीडियो संदेश के माध्यम से सराहना की। उन्होंने बताया की वर्चुअल रियलिटी (वीआर) एक ऐसी तकनीक है जो उपयोगकर्ताओं को एक अनुरूपित वातावरण में कार्य करने हेतु सहायता प्रदान करती है। वर्चुअल लैब्स छात्रों को भौतिक उपकरणों के बिना प्रयोग करने और व्यावहारिक कौशल सीखने के लिए एक डिजिटल मंच प्रदान करती है। उद्घाटन समारोह के समापन पर औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के दौरान कार्य क्रम के संयोजक एवम संस्थान के डीन परस्नातक एवम रिसर्च डॉ. आशुतोष तिवारी ने कार्यशाला में उपस्थित सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।इस आयोजन के प्रथम तकनीकी सत्र में आईआईटी मंडी के श्री आकाश के. राव ने विस्तारित वास्तविकता (एक्सआर) के परिचय पर एक ऑनलाइन सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। एक्सआर संवर्धित वास्तविकता (एआर) और वीआर को जोड़ती है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए एक इंटरैक्टिव और समृद्ध अनुभव प्रदान करती है।इसके बाद, आईआईटी रूड़की के श्री विशाल पांडे ने एक्सआर और यूनिटी के बारे में गहराई से चर्चा की तथा यूनिटी का उपयोग करके वर्चुअल लैब के विकास पर एक व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में ओएकेएस हैदराबाद से आए तुषार चंद ने दर्शकों को यूनिटी स्क्रिप्टिंग, तथा इससे संबंधित जटिल अवधारणाओं को सरल बनाने के बारे में बताया।आईआईटी कानपुर में वर्चुअल लैब्स के श्री धनंजय उमराव ने प्रतिभागियों को एक्सआर के लिए सॉफ्टवेयर/टूल्स इंस्टालेशन और कॉन्फ़िगरेशन के विषय में मार्गदर्शन प्रदान किया।राजकीय इंजीनियरिंग कालेज बांदा ने भविष्य में आने वाली संकाय वीआर तकनीक के माध्यम से वर्चुअल लैब्स को अपनाए जाने पर जोर दिया है। इस सम्पूर्ण कार्यक्रम के दौरान संस्थान के द्वितीय वर्ष के छात्र हिमांशु निरंजन,वैभव चौधरी, ज्योति, दुष्येंद्र दमैलिया, कृष्ण पाल, विवेक श्रीवास, आंचल चौरसिया, जीवांशु कुमार, अंकुश कुमार, आदित्य सिंह, ऋषभ गुप्ता उपस्थित रहे एवम कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया।