अतर्रा/बांदा। ब्रह्म विज्ञान इ का अतर्रा बांदा में आज स्वामी विवेकानंद की जयंती युवा दिवस के रूप में मनाई गई, उनके चित्र पर माल्यार्पण कर सभी ने पूजन कर पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानाचार्य शिवदत्त त्रिपाठी ने कहा कि वे युवाओं के प्रेरणास्रोत थे जो एक सच्चे देशभक्त, धर्म के ज्ञाता थे, तथा दार्शनिक भी थे इनका जन्म 1863 को कलकत्ता में हुआ, इनके गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस थे, इन्होंने शिकागो के सर्वधर्म सम्मेलन में अपनी अलौकिक प्रतिभा का लोहा मनवाया, तथा भारत का मान बढाया, आजकल की युवा पीढ़ी अपना रास्ता भूल गयी है जिन्हें ऐसे महापुरुष से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, हम चाहते हैं कि हमारी युवा पीढ़ी विवेकानंद जैसे प्रतिभाशाली बने। इसलिए सभी बच्चों को नशा से दूर रहने की सपथ दिलाई गई। यदि युवा नशा से दूर रहें तो उनकी उर्जा अक्षुण्ण रहेगी और हमारा देश आगे बढेगा। कार्यक्रम में सभी शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा बच्चे उपस्थित रहे।