– गौशाला पुनर्स्थापना की मांग तेज
– परगना अधिकारी को ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
बांदा। जनपद के नरैनी तहसील अंतर्गत ग्राम पुकारी में आवारा पशुओं का आतंक किसानों के लिए अभिशाप बन चुका है। खेतों में बोई गई ज्वार, अरहर, धान, तिल, मूंग और सोयाबीन जैसी फसलों को आवारा पशु बेरहमी से नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसान आर्थिक संकट और भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। गुस्साए किसानों ने उप जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर परगना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें पूर्व में संचालित अस्थाई मंडी गौशाला को तत्काल पुनरू शुरू करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें अनसुनी रहीं, तो वे पलायन को मजबूर होंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व समाजसेवी रामकिशोर उपाध्याय  छोटेलाल दिवाकर ने किया, जिसमें राजाराम बर्मा, सत्यवान केवट, भवानीदीन दिवाकर, शिवाकांत सोनी, राजाराम अहिरवार सहित दर्जनों किसानों ने हिस्सा लिया। ष्जय जवान, जय किसानष् और ष्गौवंशों को संरक्षित करोष् के नारे गूंजते रहे। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि आवारा पशु उनकी मेहनत को रौंद रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका खतरे में है। नायब तहसीलदार अशीश शूक्ला ने ज्ञापन स्वीकार कर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया, लेकिन जिला अधिकारी और आयुक्त चित्रकूट धाम मंडल के सख्त आदेशों के बावजूद सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा उनकी निष्क्रियता को उजागर करता है।किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि गौशाला तत्काल शुरू न हुई, तो वे और बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे। यह समस्या केवल पुकारी तक सीमित नहीं, बल्कि नरैनी और महुआ विकासखण्डों में भी गंभीर है। जिला प्रशासन से जनहित में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि किसानों की मेहनत को बचाया जा सके।

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