– रविवार को बाल विवाह मुक्त अभियान का कैंडल मार्च के साथ समापन
बांदा। रविवार को ग्रामीण परम्परा विकास संस्थान व जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी के रूप में संस्था द्वारा चलाए जा रहे 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त अभियान का समापन रविवार को किया गया अभियान के अंतिम दिन कैंडल मार्च निकाल कर बदौसा क्षेत्र के उदयपुर, भूसासी व अन्य पंचायतो में स्थानीय महिलाओं एवं किशोरीओ सहित स्थानीय ग्रामीणों ने गांव की गलियों में कैंडल मार्च निकाल कर यह संदेश दिया कि अब अंधेरे की कुरीतियों को शिक्षा की रोशनी से दूर किया जाएगा।
इस दौरान कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए बाल विवाह बंद करो, बेटियों को पढ़ने दो और सुनो समाज की पुकार, बाल विवाह है अपराध, जेल की हवा खाओगे यदि बाल विवाह कराओगे जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा जलती हुई मोमबत्तियां इस बात का प्रतीक थी कि ग्रामीण अब अपनी बेटियों के भविष्य को लेकर जागरूक हो चुका है अभियान के दौरान पिछले तीन महीनो में गांव-गांव जाकर चौपाल, रैली, गोष्ठी व पम्प लेट पोस्टर व बाल विवाह मुक्ति रथ के जरिए कानूनी और स्वास्थ्य संबंधित खतरों के बारे में बताया गया इस अवसर पर ग्रामीण परम्परा विकास संस्थान बांदा के विनोद कुमार ने बताया कि यह केवल 100 दोनों का अभियान नहीं था बल्कि एक नई सोच की शुरुआत थी बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है बल्कि यह है एक मासूम के सपनों की हत्या है आज की यह मसाले गवाह है कि हमारे गांव की बेटियां अब चूल्हा चौका नहीं बल्कि सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ाएंगी कैंडल मार्च के समापन पर सामूहिक शपथ ली गई ग्रामीणों ने ग्रामीण परम्परा विकास संस्थान बांदा संस्था के इस प्रयास की सराहना की इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विश्वास दिलाया कि वे इस अभियान को निरंतर जारी रखेंगे इस मौके पर संस्था से विनोद कुमार, सूरज भान व अन्य गण मान्य नागरिक संतोष कुमार, राम नरेश यादव साहित्य लोग मौजूद थे।

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