– ओवररेटिंग के आरोपों से घिरे शराब ठेके
बांदा। जनपद में शराब की दुकानों पर नियमों की अनदेखी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली किए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शहर कोतवाली क्षेत्र में, जहां पुलिस और प्रशासन की निगरानी रहती है, वहां भी रात 10 बजे के बाद शराब की बिक्री किए जाने का आरोप लगा है। वायरल वीडियो ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों द्वारा सामने लाए गए वीडियो में छावनी, बांदा स्थित कंपोजिट शराब की दुकान दिखाई दे रही है। आरोप है कि निर्धारित समय के बाद भी दुकान से शराब की बिक्री की जाती है। इतना ही नहीं, ग्राहकों से बोतल और ब्रांड के हिसाब से निर्धारित मूल्य से 10 से 50 रुपये तक अधिक वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है। शहर के कई शराब ठेकों पर रात के समय नियमों के विपरीत बिक्री और ओवररेटिंग का खेल चलने की शिकायतें हैं। यदि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई दुकानों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शराब की दुकानों के संचालन का समय निर्धारित है, तो उसके बाद बिक्री कैसे हो रही है? क्या आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर नियमित निरीक्षण और निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर किसी विभागीय अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। शराब को अपराधों और सामाजिक समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में यदि नियमों की अनदेखी कर देर रात तक शराब की बिक्री और निर्धारित कीमत से अधिक वसूली हो रही है तो यह गंभीर विषय है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन और आबकारी विभाग क्या कार्रवाई करते हैं? क्या संबंधित दुकान की जांच होगी, ओवररेटिंग पर रोक लगेगी और निर्धारित समय के बाद बिक्री करने वालों पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में सिमटकर रह जाएगा।
बांदा। जनपद में शराब की दुकानों पर नियमों की अनदेखी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली किए जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि शहर कोतवाली क्षेत्र में, जहां पुलिस और प्रशासन की निगरानी रहती है, वहां भी रात 10 बजे के बाद शराब की बिक्री किए जाने का आरोप लगा है। वायरल वीडियो ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय लोगों द्वारा सामने लाए गए वीडियो में छावनी, बांदा स्थित कंपोजिट शराब की दुकान दिखाई दे रही है। आरोप है कि निर्धारित समय के बाद भी दुकान से शराब की बिक्री की जाती है। इतना ही नहीं, ग्राहकों से बोतल और ब्रांड के हिसाब से निर्धारित मूल्य से 10 से 50 रुपये तक अधिक वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है। शहर के कई शराब ठेकों पर रात के समय नियमों के विपरीत बिक्री और ओवररेटिंग का खेल चलने की शिकायतें हैं। यदि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई दुकानों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शराब की दुकानों के संचालन का समय निर्धारित है, तो उसके बाद बिक्री कैसे हो रही है? क्या आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर नियमित निरीक्षण और निगरानी केवल कागजों तक सीमित है? हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर किसी विभागीय अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। शराब को अपराधों और सामाजिक समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में यदि नियमों की अनदेखी कर देर रात तक शराब की बिक्री और निर्धारित कीमत से अधिक वसूली हो रही है तो यह गंभीर विषय है। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन और आबकारी विभाग क्या कार्रवाई करते हैं? क्या संबंधित दुकान की जांच होगी, ओवररेटिंग पर रोक लगेगी और निर्धारित समय के बाद बिक्री करने वालों पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में सिमटकर रह जाएगा।